बंगीय पूजा पंडालों में दशमी पर बृहस्पतिवार को मां की विदाई से पहले पारंपरिक तरीके से महिलाएं सिंदूर खेला का उत्सव मनाएंगी। इसके साथ ही माता को विदाई देंगी। सुबह 10 बजे से पूजा पंडालों में विसर्जन पूजा शुरू हो जाएगी। इसके बाद सिंदूर खेला का उत्सव शुरू हो जाएगा। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। वहीं, मां की पूजा कर अपराजिता की लकड़ी को पीला कपड़े में बाधंकर रक्षा सूत्र बांह में बांधेंगे। मदनपुरा से चेतसिंह घाट, भारत सेवाश्रम संघ सिगरा, श्रीरामकृष्ण मिशन लक्सा आदि इलाकों में सजे बंगीय पूजा पंडालों में मां दुर्गा विसर्जन पूजा होगी। इसके बाद महिलाएं सिंदूर खेला शुरू होगा।