सोमवार को बाबा के दर्शन के लिए दूर-दराज से भक्त पहुंचे थे। कॉवरियों का जत्था भी पहुंचा। देर शाम तक भीड़ दिखी, भक्तों की लम्बी कतार लग गई। मंदिर की आसपास की गलियों में हर हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे।
सावन के सातवें सोमवार को बाबा विश्वनाथ अर्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन देंगे। बाबा की छवि के दर्शन के लिए भक्तों की लाइन रविवार रात में ही लग गई। हर हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। दशश्वमेध व बॉसफाटक इलाके में चहल पहल रही। वहीं, रविवार को सुबह से रात तक दर्शन पूजन का क्रम चला। दो लाख से अधिक भक्तों ने बाबा दरबार में दर्शन किया।
सोमवार को बाबा के दर्शन के लिए दूर-दराज से भक्त पहुंचे थे। कॉवरियों का जत्था भी पहुंचा। देर शाम तक भीड़ दिखी, भक्तों की लम्बी कतार लग गई। मंदिर की आसपास की गलियों में हर हर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान करने के लिए भीड़ रही। इस बार कांवरिये काफी आए हैं। रात तक मंदिर के सभी गेटों की तरफ लाइन लग गई। मंदिर का रात में शयन आरती तक दो लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किया। मंदिर में सजावट की गई। सोमवार को मंगला आरती से बाबा का दर्शन शुरू हुआ। बाबा का अर्द्धनारिश्वर स्वरूप में शृंगार हुआ। इसके साथ ही कैथी स्थित मार्केंडेय महादेव, महामृत्युंजय, तिलभांडेश्वर, जागेश्वर, त्रिलोचन महादेव, केदारेश्वर महोदव सहित तमाम शिवालयों में दर्शन पूजन हो रहा है।