ग्रामीण सुरेशचंद्र ने बताया कि सड़कों पर खड़े होकर लोग रोज ही शराब पीते हैं। कहीं कोई रोकटोक नहीं होती है। पिछले साल सरकार की ओर से लोगों को जागरूक किया गया था लेकिन अभी तक ऐसे ही चल रहा है। वहीं, पिंडरा क्षेत्र के गांव जगदीशपुर के परसहनी चौराहे पर बने ठेके पर भी शाम होते ही भीड़ लग जाती है और यहीं सड़क पर लोग बैठकर शराब पीते हैं। गांव गरथमा, अरहक, रुपचंद्रपुर, गजोखर समेत सभी का यही हाल है।
शहर में सार्वजनिक स्थानों पर भी धड़ल्ले से होता धूम्रपान
सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा) के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थानों पर धड़ल्ले से धूम्रपान होता है। शहर के प्रमुख जगहों पर भी इस पर कोई रोकटोक नहीं होती है और न ही कोई कार्रवाई होती है।
बीएचयू में डेंटल फैकल्टी के प्रो. टीपी चतुर्वेदी कहते हैं कि कोटपा हवाई अड्डों, 30 या अधिक कमरों वाले होटलों और 30 से अधिक लोगों की क्षमता वाले रेस्तरां में धूम्रपान के लिए निर्दिष्ट क्षेत्रों की मंजूरी देता है। लेकिन खुले में होने वाला धूम्रपान सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। क्योंकि धूम्रपान न करने वाले लोग हानिकारक विषाक्त पदार्थों के संपर्क में आ सकते हैं और बीमार पड़ सकते हैं।
बोले अधिकारी
शहरी और ग्रामीण इलाकों में तंबाकू की बिक्री पर रोक लगाने के लिए समय-समय पर अभियान चलाने के साथ ही लोगों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया जाता है। जल्द ही पुलिस टीम के सहयोग से चिह्नित इलाकों में अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ