वार्षिकोत्सव में नाटक प्रस्तुत करते बच्चे।
रणवीर संस्कृत विद्यालय, कमच्छा के वार्षिकोत्सव ‘प्रकर्ष 2016’ में जहां बच्चों ने नृत्य, संगीत और अभिनय के जरिये अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, वहीं मेधावियों का सम्मान भी किया गया। सोमवार को विद्यालय परिसर में आयोजित रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों के बीच संस्कृत भाषा में बच्चों द्वारा मंचित नाटक का मंचन रहा। ‘तमाल पत्रम्’ नामक नाटक के जरिये बच्चों ने तंबाकू से परहेज का संदेश दिया। ‘भस्मासुर वध’ नृत्य नाटिका ने भी समां बांध दिया। ‘क्लासरूम’ नाटक के जरिये संस्कृत पाठी बच्चों ने अंग्रेजी में अपनी महारत को प्रदर्शित किया।
वार्षिकोत्सव में मुख्य अतिथि बीएचयू कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए कि व्यक्ति में सामर्थ्य का सृजन करें। कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को संस्कार और मानवीय मूल्यों की शिक्षा देनी चाहिए। साथ ही प्राचीन ज्ञान और दर्शन के मूल स्वरूप को विद्यार्थियों को समझना होगा। यह जिम्मेदारी शिक्षकों की है।
वित्ताधिकारी डॉ. एमआर पाठक व विद्यालय की चेयरमैन प्रो. सुमन जैन ने भी विचार रखे। इस मौके पर सोमयाजुला नंदिनी, शगुन कन्नौजिया, बलजीत सिंह, समृद्ध, महिमा, विवेक, अनूप कुमार, आयुष, अनिल कुमार, सुमित, विमलेश और अमित दुबे को मेडल से नवाजा गया। प्रधानाचार्य डॉ. जी नरसिंहुलु ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की तो संचालन पवन कुमार पांडेय ने किया।