वायरल वीडियो से निकाली गई तस्वीर।
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प्रो.ओमशंकर की ओर से जो वीडियो पोस्ट किया गया है, उसमें वह सामने खड़े व्यक्ति से बातचीत कर रहे हैं। इसमें वह व्यक्ति यह कहते नजर आ रहा है, जो घटना हुई, वह उसके सामने हुई। अब लोग सफाई दे रहे हैं कि वो यानी डॉ.टीके लहरी गिर गए। जब भी कोई घुसा या थप्पड़ मारता है तो आंख लाल हो जाता है। वो वीडियो पर चेहरे पर पंजा लगाते हुए बता रहा है कि इसी तरह हाथ चेहरे पर डॉ.लहरी के लगाया गया था।
घटना के समय डॉ. लहरी बेड पर गिर गए थे, पीछे लोगों ने पकड़ लिया। इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रो.ओमशंकर ने बीएचयू प्रशासन से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले में आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार, बीएचयू अस्पताल के एमएस को फोन करने पर फोन तो नहीं उठा। व्हाटसएप पर एक मैसेज भेजकर उनका जवाब जानने की कोशिश की गई तो किसी ने व्हाटसएप पर कोई जवाब नहीं दिया।
15 दिन बाद नहीं पता चल सका चेहरे पर निशान क्या था
सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में बेड नंबर 2 पर भर्ती डॉ.टीके लहरी को उन्हीं के विभाग के डॉक्टर द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत परिजनों ने 1 सितंबर को ईमेल से कुलपति, आईएमएस निदेशक, एमएस सहित अन्य अधिकारियों से की थी। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इसके बाद मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव के साथ ही सपा, कांग्रेस नेताओं सहित कई लोग बीएचयू पहुंचे और डॉ.लहरी के सेहत की जानकारी ली। राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल के निर्देश पर ही मामले की 7 सितंबर से जांच चल रही है।
इसमें बीएचयू ने सात डॉक्टरों की कमेटी बनाई तो राज्यमंत्री ने 15 दिन का समय बीतने के बाद अब तक यह नहीं पता चल सका कि आखिर डॉ. लहरी के चेहरे पर चोट के निशान क्या थे। हालांकि राज्यमंत्री ने खुद अपने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर डॉ. लहरी के आंखों में लालिमा और चेहरे पर निशान को गंभीर बताया था।