ज्ञानपुर। 65 साल की परेमा देवी जिला अस्पताल के फर्श पर लेटी हुई थीं...। पूछने पर बताया कि कई दिनों से तबीयत ठीक नहीं है। 15 किमी दूर मोढ़ के हरीपट्टी से सुबह सवा आठ बजे ही अस्पताल पहुंच गईं। डॉक्टर का इंतजार कर रही हूं, लेकिन अभी तक आए नहीं हैं। बैठते नहीं बन रहा है, इसलिए लेट गई हूं। इसी तरह भुड़की के रोशन फीवर की समस्या होने पर डॉक्टर को दिखाने आए थे। इस तरह करीब 225 लोग सुबह 10 बजे तक महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल में चिकित्सकों का इंतजार करते पाए गए।
जिले में तल्ख धूप के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं। दोपहर में धूप तेज होने के कारण दूर-दराज के लोग सुबह ही अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन चिकित्सकों की लेटलतीफी भारी पड़ रही है। सोमवार को दो दिन के अवकाश के बाद अस्पताल खुला। अस्पताल खुलते ही बड़ी संख्या में मरीजों की भीड़ पहुंच गई, लेकिन 10 बजे तक 17 में से केवल दो चिकित्सक ही अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल की ओपीडी आठ बजे ही शुरू हो जाती है। सोमवार को जिला अस्पताल की पड़ताल में सामने आए कि सुबह 10 बजे तक ओपीडी में 200 से 225 मरीज पहुंच गए थे, लेकिन केवल हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद यादव और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र कुमार ही मौजूद थे। इसके अलावा अस्पताल की सारी कुर्सियां खाली थीं। चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। गर्मी और बीमारी से बेहाल मरीज चिकित्सकों की राह तकते नजर जाए।
सुबह 10 बजे तक डॉ. अजय तिवारी, डॉ. धीरज प्रकाश, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. नीलिमा धवन, डॉ. वर्तिका अग्रवाल, डॉ. विवेक सिंह, डॉ. जयप्रकाश वर्मा, डॉ. एसके शर्मा, डॉ. अनिल पांडेय, डॉ. लक्ष्मी देवी, डॉ. आशुतोष सिंह, डॉ. आतिफ अंसारी, डॉ. मालविका पांडेय अनुपस्थित रहीं।
जिला अस्पताल के कुछ चिकित्सकों की लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगी हुई है। कुछ इमरजेंसी ड्यूटी करने वाले चिकित्सक अवकाश पर हैं। एक जून को चुनाव समाप्त होने के बाद व्यवस्था फिर से पटरी पर लौटेगी। - डॉ. राजेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल।