बिजली निगम शहर में तीन नए बिजली घर बनाएगा। मंडुआडीह, हाईडिल कॉलोनी और डीपीएच (मंडुआडीह) में 10-10 एमवीए क्षमता के तीन नए उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन तीनों उपकेंद्रों के लिए बिजली निगम को जमीन मिल गई है। जल्द ही बिजली घरों का काम शुरू हो जाएगा।
शहर में बढ़ते ओवरलोड और लाइनलॉस की समस्याओं के बीच शहर में तीन नए विद्युत उपकेंद्रों का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन उपकेंद्रों से दो लाख से अधिक की आबादी को बिजली आपूर्ति होगी। इस बार मंडुआडीह, हाईडिल कॉलोनी और डीपीएच में नए बिजली घरों के लिए विद्युत वितरण खंड के अनुरोध पर निर्माण खंड ने प्रस्ताव तैयार किया है। अधीक्षण अभियंता अनूप सक्सेना के मुताबिक तीनों उपकेंद्रों के लिए जमीन भी मिल गई है। गौरतलब है कि शहर में पहले से प्रस्तावित लगभग आधा दर्जन बिजली घरों का काम जमीन न मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
भुल्लनपुर में पीएसी देगा जमीन
भुल्लनपुर में प्रस्तावित बिजली घर के लिए पीएसी से जमीन मांगी गई है। पीएसी ने जमीन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। इससे यहां भी जल्द ही उपकेंद्र निर्माण का काम शुरू होने की उम्मीद है।
61 नए ट्रांसफॉर्मर लगेंगे, 233 की बढ़ेगी क्षमता
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम पिंडरा, बड़ागांव, बरईपुर, सेवापुरी, आराजी लाइन, काशी विद्यापीठ, चोलापुर, चिरईगांव ब्लॉकों में 61 नए ट्रांसफॉर्मर लगाएगा। वहीं, 233 ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ेगी।
जहां जमीन नहीं, वहां बनेंगे ई-हाउस सब स्टेशन
शहर के जिन इलाकों में बिजली घर और पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए जमीन नहीं है, वहां ई-हाउस और जीआईएस सब स्टेशन बनाए जाएंगे। इनकी खासियत होगी कि ये छोटे कमरे में भी संचालित किए जा सकेंगे। पूर्वांचल डिस्कॉम ने बनारस शहर में जमीन न मिलने की समस्या के मद्देनजर शहर में ई-हाउस और जीआईएस सब स्टेशनों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। एक्सईएन दिवेश भास्कर के मुताबिक इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिली तो शहर में जमीन की कमी के कारण बिजली घर न लग पाने की समस्या खत्म हो जाएगी।