सिहरन के बाद भी श्रद्धालुओं ने तीन से पांच डुबकी लगाकर मौनी अमावस्या के स्नान के विधान को पूर्ण किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं की कतार बाबा के धाम की ओर बढ़ चली। वहीं दूसरी तरफ दिन चढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भी बढ़ता गया। नौ बजे तक दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, शंकराचार्य घाट, पंचगंगा घाट समेत कई प्रमुख घाटों पर भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहा। शहर के मंदिरों में भी मौनी अमावस्या पर दर्शन-पूजन की भीड़ रही।
मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर मार्कंडेय महादेव मंदिर में पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर का रुख कर रहे थे। उधर देर शाम तक पचास हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने स्वर्वेद महामंदिर का दर्शन किया और विहंगम योग की वैज्ञानिक साधना का अभ्यास किया। श्रद्धालुओं के लिए स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रसाद बांटा गया।