बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को स्मार्ट क्लास में पढ़ाने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिले के लगभग 300 विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कंप्यूटर, टीवी और प्रोजेक्टर आदि के जरिये बच्चों को पढ़ाने के तरीके बताए जाएंगे। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा।
वे स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद दिशा निर्देश जारी होने के बाद डायट ने प्रशिक्षण की तैयारी शुरू कर दी है। इससे परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को स्मार्ट क्लास में पढ़ने का अनुभव और आधुनिक होगा।
वाराणसी जिले में 1145 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय और कंपोजिट स्कूल संचालित किए जाते हैं। इनमें लगभग दो लाख बच्चे पढ़ते हैं। बेसिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास के जरिये बच्चों को हाईटेक ढंग से शिक्षा देने की तैयारी है।
इसमें टीवी, प्रोजेक्टर और कंप्यूटर आदि के उपयोग के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर तैयार किया जाएगा ताकि वे ऑडियो, वीडियो, पीपीटी और पेन ड्राइव आदि के इस्तेमाल से बच्चों को पढ़ा सकें। बनारस जिले के लगभग 200 विद्यालयों में स्मार्ट कक्षाएं चलती हैं, मगर नई शिक्षा नीति के तहत बेसिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही अन्य उसकी तकनीक हाईटेक की जाएगी।
बोले अधिकारी
बेसिक स्कूलों के स्मार्ट क्लास में पढ़ाने के लिए जून में खंड शिक्षा अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, वाराणसी यह प्रशिक्षण मंडल स्तर पर करेगा। इसके बाद मास्टर ट्रेनर शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे।
- डॉ. उमेश शुक्ला, प्राचार्य, डायट