इस दुर्घटना में उनकी आंख के आसपास की हड्डियां और बाईं ओर का जबड़ा टूट गया था। आंख अंदर की ओर धंस गई थी और उनका मुंह भी नहीं खुल रहा था। नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थियेटर में सुबह 11 से 3 बजे तक चली जटिल सर्जरी में आधुनिक इमेज-गाइडेड नेविगेशन सिस्टम की सहायता से 10 टाइटेनियम मिनी प्लेट और 1 टाइटेनियम मेश का प्रयोग किया गया। 80 टांके लगाए गए।
प्रो. आरपी मौर्य ने बताया कि मरीज की दृष्टि सुरक्षित रहेगी और वह सामान्य रूप से भोजन भी कर सकेगा। कुलपति, आईएमएस निदेशक के सहयोग से विभाग को आधुनिक ऑर्बिटल नेविगेशन मशीन उपलब्ध कराई गई है। बहुविषयक पुनर्निर्माण की जरूरत वाला जटिल मामलामरीज के रेडियोलॉजिकल जांच में ऑर्बिटल फ्लोर का कमिन्यूटेड फ्रैक्चर, पेरिऑर्बिटल फैट का मैक्सिलरी साइनस में हर्नियेशन पाया गया।
इसके साथ ही मैंडिबल के सिम्फाइसिस एवं कॉन्डाइलर क्षेत्रों में फ्रैक्चर भी पाया गया। चोट की जटिलता को देखते हुए सर्जरी के दौरान ऑर्बिटल नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया। ऑर्बिटल फ्लोर का पुनर्निर्माण टाइटेनियम ऑर्बिटल फ्लोर मेश की सहायता से किया गया। वहीं, मैंडिबुलर फ्रैक्चर के सिम्फाइसिस और कॉन्डाइलर क्षेत्रों को टाइटेनियम मिनीप्लेट्स की सहायता से फिक्स किया गया। चेहरे की हड्डियों का स्थिर और शारीरिक संरचना के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जा सका।