पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे रात के समय बंद मकानों की रेकी करते थे। इसके बाद बाउंड्री फांदकर घर में दाखिल होते और ताला तोड़कर सामान चोरी कर लेते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने 12 सितंबर की रात परशुरामपुर और 20 सितंबर को फरीदपुर गांव स्थित एक बंद मकान में चोरी करना स्वीकार किया है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए आभूषणों को गलाकर पीली धातु तैयार की जाती थी। इसके अलावा अन्य सामान को बेचकर मिलने वाली रकम को आरोपित आपस में बांट लेते थे। पुलिस अब बरामद सामान के संबंध में अन्य मामलों से भी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, गौरव राय उर्फ गोलू पंडित के खिलाफ सारनाथ थाने में चोरी और बरामदगी के नौ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं इरसाद और विजय चौहान के खिलाफ सारनाथ, लालपुर पांडेयपुर और भेलूपुर थानों में चोरी तथा आर्म्स एक्ट से संबंधित कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूर्व की घटनाओं में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।