वाराणसी के संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र को सोमवार की रात एक धमकी भरी चिट्ठी मिली थी। इसके बाद हड़कंप मच गया। इसको लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। धमकी भरी चिट्ठी में टूटी-फूटी हिंदी में लिखा है। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : अमर उजाला
धमकी वाली चिट्ठी में जो मोबाइल नंबर दर्ज है वह बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्विलांस से तस्दीक होने पर बुधवार को पुलिस की दो टीमें पश्चिमी चंपारण और सीवान जिले में रवाना की गई है।
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संकट मोचन मंदिर
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वहीं, इस प्रकरण की जांच जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच के अलावा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने भी शुरू कर दी है। धमकी भरी चिट्ठी 22 नवंबर को राजस्थान से साधारण डाक से भेजी गई थी और तीन दिसंबर की शाम मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र को मिली। चिट्ठी में लिखे नाम जमादार मियां और अशोक यादव की तस्दीक नहीं हो पाई है।
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चिट्ठी में टूटी-फूटी हिंदी में लिखा है कि हम लोग पहले भी धमाका किए थे और अब उसे बड़ा करेंगे। चिट्ठी में मोबाइल नंबर के अलावा शहाबुद्दीन, रायफल और एके 47 का जिक्र किया गया है। चिट्ठी में लिखे जमादार और अशोक के नाम के आधार पर मंगलवार को लंका पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
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धमकी के मद्देनजर बुधवार को बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड, एंटी सेबोटोज टीम के साथ एटीएस की टीम ने मंदिर परिसर का चप्पा-चप्पा खंगाला। मंदिर की बाह्य सुरक्षा के लिए आठ एसआई, 16 कांस्टेबल और चार महिला आरक्षी के अलावा एलआईयू को तैनात किया गया है। इसके अलावा मंदिर की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन शिफ्ट में तैनात होने वाले 54 सिक्योरिटी गार्ड और चार डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर हैं।
उधर, संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर में सतर्कता बढ़ा दी है। मंदिर प्रशासन की ओर से तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स भी मुस्तैदी के साथ तैनात है और सीसी कैमरे की मदद से प्रत्येक आने-जाने वाले की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।