काशी विश्वनाथ धाम के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार की रात महाकालेश्वर मंदिर का भ्रमण किया और विस्तारीकरण के दौरान लोगों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को भी समझा। मंदिर से जुड़े अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पूरे परिसर की सुरक्षा में निजी सुरक्षाकर्मी ज्यादा लगाए गए हैं। मंदिर में 1300 कर्मचारी व 500 सुरक्षाकर्मी हैं। 150 पुलिस कर्मी भी सुरक्षा में लगे हैं।
पुण्यसलिला क्षिप्रा के तट पर विराजमान महाकाल मंदिर की चिर पुरातन व्यवस्थाएं अब काशीपुराधिपति के आंगन की शोभा बढ़ाएंगी। सफाई, सुरक्षा, शीघ्र दर्शन, निकास और प्रवेश के साथ व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ाई जाएंगी। इसी सिलसिले में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की सुविधाओं का अध्ययन किया है। इसके आधार पर ही मंदिर प्रबंधन रिपोर्ट तैयार करेगा। जो कुछ उचित होगा, उसे काशी विश्वनाथ धाम की सुविधा व व्यवस्थाओं में जोड़ा जाएगा।
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काशी विश्वनाथ धाम के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार की रात महाकालेश्वर मंदिर का भ्रमण किया और विस्तारीकरण के दौरान लोगों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को भी समझा। मंदिर से जुड़े अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पूरे परिसर की सुरक्षा में निजी सुरक्षाकर्मी ज्यादा लगाए गए हैं। मंदिर में 1300 कर्मचारी व 500 सुरक्षाकर्मी हैं। 150 पुलिस कर्मी भी सुरक्षा में लगे हैं। काशी विश्वनाथ धाम की तरह ही महाकालेश्वर में भी सुगम दर्शन की व्यवस्था प्रभावी है। इसका फायदा श्रद्धालुओं मिल रहा है। कर्मचारियों की भूमिका को भी समझा है।
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प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा प्रभारियों की भूमिका और सीसी कैमरों की निगरानी व्यवस्था की भी जानकारी ली है। श्री महाकालेश्वर मंदिर की अनादिकाल से चली आ रही पूजा-पद्धति, उत्सव, परंपराओं, प्रबंधन, उपासना पद्धति के संबंध में भी जानकारी साझा हुई। आधुनिक प्रबंधन पद्धति व उत्कृष्ट व्यवस्था को समझा गया। मंदिर के विभिन्न प्रकल्पों गौशाला, नि:शुल्क अन्नक्षेत्र, मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संस्कृत भाषा व वेदों के संवर्धन हेतु संचालित नि:शुल्क श्री महाकालेश्वर वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान आदि के संंबंध में भी विस्तार से जानकारी ली गई। प्रतिनिधिमंडल ने महाकाल महालोक का भ्रमण किया और मंदिर में निर्माण कार्यों को भी देखा।
अवंतिका द्वार जैसी व्यवस्था धाम में हो सकती है लागू
महाकालेश्वर मंदिर में 11 जुलाई से शुरू किए गए अवंतिका द्वार से स्थानीय लोगों के प्रवेश की व्यवस्था को काशी विश्वनाथ धाम में भी लागू करने पर मंथन किया गया। इसके अलावा मंदिर की व्यवस्थाओं में भस्म आरती, दर्शन, वीआईपी लाउंज, सामान्य दर्शन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई। वॉकी टॉकी से आसान होगी व्यवस्था
महाकालेश्वर मंदिर परिसर में तैनात सभी कर्मचारियों को वॉकी टॉकी की सुविधा से लैस किया गया है। इससे आपसी संवाद में आसानी रहती है। व्यवस्थाएं बनाने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती। अन्नक्षेत्र में बनी रसोई से तीन हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोजन प्रसाद की व्यवस्था को अधिकारियों ने देखा। इन व्यवस्थाओं को भी विश्वनाथ धाम में लागू किया जा सकता है।