अधिकारियों के मुताबिक काशी को एससीओ की राजधानी बनाए जाने के बाद यहां पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। साथ ही विश्व के देशों के बीच अंतर सांस्कृतिक रिश्ते भी मजबूत होंगे। स्मार्ट सिटी के जनसंपर्क अधिकारी शाकंभरी नंदन सोंथालिया के मुताबिक सभी विभागों से मिलने वाली जानकारियों को कंपाइल कर प्रेजेंटेशन के लिए भेजा जाएगा।
काशी न सिर्फ हिंदू बल्कि मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्म के प्रमुख धर्मगुरुओं द्वारा किए गए कार्यों के लिए भी जानी जाती है। यहां भगवान श्रीराम के अलावा पांडवों के पंचक्रोशी परिक्रमा की जानकारी मिलती है। वहीं जैन धर्म के पांच गुरुओं की जन्मस्थली के साथ सारनाथ में भगवान बुद्ध की तपोस्थली है। मुस्लिम धर्म गुरुओं के अलावा सिख धर्मगुरुओं ने भी काशी में धर्म की अलख जगाई है। डोजियर में इन सभी को स्थान दिया गया है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि वाराणसी में प्रत्येक महीने विशेष आयोजनों की कार्ययोजना बनवाई जा रही है। यहां की देव दीपावली, गंगा महोत्सव, संकट मोचन संगीत समारोह सहित अन्य आयोजनों को भी डोजियर में शामिल किया जा रहा है