कैंट स्टेशन का निरीक्षण करते महाप्रबंध एके पुठिया।
कैंट रेलवे स्टेशन के गुड्स शेड की जगह तीन नए यात्री प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। यहां ट्रेनों को स्थानांतरित किया जाएगा और यार्ड रिमॉडलिंग के तहत कैंट स्टेशन के प्लेटफार्मों को क्रमबद्ध तरीके से सरेंडर कर विकास किया जाएगा। गुड्स शेड को लोहता और चौखंडी शिफ्ट किया जा रहा है। अक्तूबर से मालगाड़ियों की हैंडलिंग चौखंडी और लोहता में शुरू हो जाएगी। शहर में गुड्स शेड की वजह से ट्रकों की आवाजाही पर भी विराम लगेगा। यह जानकारी उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक एके पुठिया ने गुरुवार को वाराणसी के कैंट स्टेशन के निरीक्षण बाद कही। वह इलाहाबाद से वाराणसी के बीच डबलिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य देखते पहुंचे थे। यहां से वह लखनऊ निकल गए।
महाप्रबंधक ने बताया कि वाराणसी से इलाहाबाद और वाराणसी से लखनऊ के बीच कई फेजों में मार्च तक डबलिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। कहा कि ट्रेनों की रफ्तार तेज होगी और ट्रेनों को क्रासिंग के लिए रुकना नही पड़ेगा। इलाहाबाद की ओर लोहता से जंघई के बीच, 17 किलोमीटर लंबे रेलखंड के डबलिंग का कार्य अक्तूबर तक पूरा हो जाएगा। लोहता से चौखंडी और चौखंडी से सेवापुरी तक 15 किलोमीटर डबलिंग का कार्य दिसंबर तक और सुरियावां से जंघई तक का कार्य किया जाएगा।
लोहता से जंघई तक बचा हुआ रेल खंड का कार्य मार्च तक पूरा हो जाएगा। बताया कि सेकेंड एंट्री के विकास के लिए डिफेंस से जमीन लेने का मामला अंतिम दौर में है। जमीन के बदले जमीन देने की प्रक्रिया के तहत लखनऊ में रेलवे ने जमीन चिह्नित कर लिया है। 19 हजार स्क्वायर मीटर जमीन सेना को दी जानी है। दूसरी ओर लखनऊ वाया सुल्तानपुर रेलखंड के डबलिंग और विद्युतीकरण का कार्य 31 मार्च तक किया जाना है। सितंबर में शिवनगर-मुसाफिर खाना-अदीमपुर 18 किलोमीटर रेल खंड का काम पूरा हो जाएगा। नवंबर में कोइरीपुर-महारानी पश्चिम-लमुआ के 17 किलोमीटर लंबे रेखखंड का कार्य कर लिया जाएगा।
वहींकोइरीपुर-हरपालगंज-श्रीकृष्णनगर 19 किलोमीटर लंबे रेलखंड का कार्य जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है। मार्च तक इस मार्ग के डबलिंग और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा करने का लक्ष्य है। सेटेलाइट टर्मिनल के रूप में पूर्वोत्तर रेलवे मंडुवाडीह और वाराणसी सिटी का विकास कर रहा है। इसके पूर्व कैंट स्टेशन पर निरीक्षण के दौरान पीआरएस के सामने मार्ग चौड़ीकरण के कार्य पर असंतुष्टि जताई। प्लेटफार्म नंबर नौ, सेकेंड एंट्री, प्लेटफार्म नंबर एक और सर्कुलेटिंग एरिया में चल रहे कार्य को देखा।