चालू शैक्षिक सत्र के लिए बीवोक पाठ्यक्रम बंद किए जाने की सूचना जैसे ही सार्वजनिक हुई, वैसे ही छात्र-छात्राएं भड़क गए। सबने कुलपति आवास का घेराव किया। छात्रों ने कहा कि हमने सुविधा बढ़ाने और पढ़ाई का स्तर सुधारने की मांग की थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाठ्यक्रम ही बंद कर दिया। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। एक साल बर्बाद हो गया। इसकी भरपाई कैसे होगी, इसका जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन को देना चाहिए। फीस के साथ ही रहने और खाने-पीने में भी पैसे भी खर्च हुए हैं। आगे क्या करेंगे, कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। माता-पिता व अभिभावक भी परेशान हैं।
कोर्स समन्वयक प्रो. एमपी अहिरवार ने बताया कि पाठ्यक्रम को और बेहतर करने के लिए वर्तमान सत्र में बीवोक पाठ्यक्रम को बंद किया गया है। इससे पुराने छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी। उनकी कक्षाएं नियमित चलेंगी। छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अभी दाखिले की प्रक्रिया चल रही थी। वर्तमान सत्र में पंजीकरण वाले छात्रों का शुल्क वापस कर दिया जाएगा।