मगर समय बीतने के साथ ही कंपनियों ने परियोजना से खुद को अलग कर लिया है। यही कारण है कि अब वीडीए ने रूट के साथ ही कार्यदायी संस्थाओं के हित में बड़े बदलाव का फैसला किया है।
बता दें कि रोपवे निर्माण में सक्रिय ईसीएल मैनेजमेंट, एसडीएचडीएचडी, डोपल्मेयर, एफआईएल, पोमा, एक्त्रसन इंफ्रा, एजीस इंडिया व कन्वेयर एंड रोपवे सिस्टम फर्मों ने प्री बिड में कई तरह के सुझाव दिए थे। उन्हीं सुझावों के आधार पर अब नए सिरे से टेंडर जारी किया जा सकता है।
वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि नगर में रोपवे के निर्माण के लिए किसी कंपनी ने हाथ आग नहीं बढ़ाया है। नवंबर 2021 में जारी निविदा के अंतिम दिन 15 अप्रैल तक कोई कंपनी काम करने के लिए आग नहीं आई।
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से मिले कमिश्नर और वीडीए वीसी
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रोपवे के लिए रेलवे की जमीन की आवश्यकता जिला प्रशासन को है। कमिश्नर दीपक अग्रवाल और वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनय कुमार त्रिपाठी से शनिवार को मुलाकात कर प्रस्ताव रखा। चेयरमैन ने जमीन से जुड़ा प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है। ताकि जल्द से जल्द अड़चन को दूर कर काम शुरू कराया जा सके।
प्रस्ताव को यात्रियों की सुगमता के लिए बेहतर बताते हुए उन्होंने इसे चैनल के माध्यम से रखने को कहा। कैंट रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर नई बिल्डिंग के पास यात्री आश्रय हॉल है। जहां पर रोपवे स्टेशन को फुट ओवरब्रिज एफओबी से जोड़ने की बात कही गई है।