म्योरपुर। रेणुकूट को छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से जोड़ने के लिए रेल लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। सर्वे में इस रेल मार्ग पर 11 स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इस रेल मार्ग को शीघ्र बजट देने की मांग की जा रही है। इसके लिए एक सितंबर से पदयात्रा भी की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। रेणुकूट से अंबिकापुर को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेलवे की तरफ से प्रस्ताव तैयार किया गया है। रेणुकूट से अंबिकापुर तक की 144 किलोमीटर की दूरी में तमाम स्टेशनों के रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। सर्वे के काम के बाद बनने वाले पुलों और अन्य कार्यों के लिए मृदा परीक्षण का भी काम रेलवे द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कर लिया गया है। कहा जा रहा है कि बजट हो तो काम शुरू हो जाएगा। ऐसे में इसी बजट की मांग को लेकर पदयात्रा एक सितंबर से रेणुकूट से निकाली जाएगी। इस पदयात्रा में तमाम क्षेत्रों के लोग शामिल होंगे। यात्रा रेणुकूट से शुरू होकर अंबिकापुर के लिए प्रस्थान करेगी। प्रस्तावित स्टेशनों की बात करें तो इनमें छत्तीसगढ़ में आठ स्टेशन होंगे, जिनमें अम्बिकापुर, मंजीरा, मायापुर, प्रतापपुर देवरी, डांडकरंबा, वाड्रफनगर व पशुपतिपुर होगा, जबकि तीन स्टेशन करकच्छी, किरबिल व रेणुकूट सोनभद्र जिले में आएगा। अम्बिकापुर से रेणुकूट तक की 144 किलोमीटर लम्बी रेल लाईन परियोजना के लिए करीब 1400 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान जताया गया है। जिसमें से सिविल इंजीनियरिंग 1096 करोड़, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग 170.44 करोड़ और स्टेशन सहित अन्य मद में 131.36 करोड़ की राशि खर्च होगी।