काशी रेलवे स्टेशन से पांच साल की बच्ची को अगवा कर उसकी हत्या करने के मामले में तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी पुलिस के हाथ खाली रहे। पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन अलग-अलग टीमें काशी रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाके की खाक छानती रहीं। संदिग्ध प्रतीत होने वालों से पूछताछ का सिलसिला जारी रहा। मगर, पुलिस के हाथ ऐसा कोई ठोस सुराग नहीं लगा जिसके सहारे वारदात की गुत्थी सुलझाई जा सके।चंदौली के मुगलसराय का रहने वाला दोना-पत्ता बेचने वाला परिवार बीते 14 अगस्त की रात काशी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म दो-तीन पर सोया हुआ था। रात ढाई बजे परिवार के मुखिया की नींद खुली तो उसकी पांच साल की बेटी गायब थी। 15 अगस्त की सुबह प्लेटफॉर्म से लगभग सौ मीटर की दूरी पर झाड़ी में बच्ची का लहूलुहान शव मिला। उसकी आंतरिक चोटों के आधार पर उसके साथ दुष्कर्म के प्रयास की आशंका जताई गई है। पुलिस टीमें तीन दिन में इलाके के 10 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं, लेकिन ऐसा कोई सुराग नहीं मिला जिसके सहारे घटना के खुलासे में मदद मिल सके। इसके साथ ही पुलिस बच्ची के परिवार के करीबियों की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए जांच कर रही है। उधर, इस संबंध में आदमपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों से पूछताछ का सिलसिला जारी है। प्रयास किया जा रहा है कि घटना का खुलासा जल्द हो।