कहीं सुर, लय और ताल की जुगलबंदी, कहीं धुन पर थिरक ते कदम.... अदा और सधी हुई चाल से तकनीक के हुनरमंदों ने हर किसी को अपना कायल बना दिया। मौका था आईआईटी बीएचयू में सांस्कृतिक उत्सव काशी यात्रा का। प्रदर्शन ऐसा कि पेशेेेेवर मॉडल भी फेल हो जाएं। रैंप पर प्रतिभागियों की आंखों में झलकता आत्मविश्वास और सधे कदम देखते ही बन रहे थे।
देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं ने ड्रम, गिटार, बैंड की प्रस्तुतियों के साथ रैंप पर कैटवॉक किया। 22 तक चलने वाले महोत्सव को लेकर बनारस, दिल्ली, भोपाल, लखनऊ, गाजियाबाद, गोरखपुर से आए प्रतिभागियों में गजब का उत्साह दिखा। एसआईएफडीटी की छात्राओं ने वसंत, अमेठी यूनिवर्सिटी ने कोरोना महामारी, एसपीए भोपाल की टीम ने अलग-अलग मौसम पर आधारित परिधानों की प्रस्तुति दी। बीका इंस्टीट्यूट की छात्राओं ने शादी थीम पर परिधानों का प्रदर्शन किया। मॉडल्स ने मंच पर सधी हुई चाल में कदमताल की तो हर किसी ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बीएचयू फैशन डिजाइनिंग के छात्रों ने ब्लैक मैजिक थीम पर परिधानों को प्रस्तुत किया। एसआरएम लखनऊ व यूनिवर्सिटी ऑफ लखनऊ, गोरखपुर के फेमिना इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनर ने अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
शास्त्रीय संग हिप-हॉप और फ्री स्टाइल
गाजियाबाद के आईएनए डांस एकेडमी की छात्राओं ने मिट्टी पे खींची लकीर... पर फ्री स्टाइल डांस की प्रस्तुति दी। हनुमान चालीस के बोल पर दीप त्यागी और भूमिका पाल ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। सनबीम भगवानपुर की अनन्या व तान्या ने अपसरा आली... गीत पर हिप-हॉप से सभी को झूमाया। एसआरएमवी लखनऊ की टीम से अली व अश्वनी ने लहू मुंह लग गया... पर नृत्य किया। आर्य महिला पीजी कॉलेज की तनू व शनाया ने बेहतरीन डांस की प्रस्तुति दी। महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने कथक पेश कर खूब तालियां बजीं। एमेजिन बडी टीम के सत्यम और सिम्मो ने बादशाह ओ बादशाह गीत पर नृत्य किया। एसपीए भोपाल से आई प्रियता व समुद्र ने भरतनाट्यम किया। एसआरवाई डांस एकेडमी की साक्षी व श्रेया ने नृत्य कर सभी को जोश से भर दिया। शारदा यूनिवर्सिटी दिल्ली से आए अल्ताफ और मानव ने मैशअप व बीएचयू कॉमर्स विभाग की आकृति यादव व उन्नति अग्रवाल ने दिल डूबा व शरारा शरारा....गीत पर व हिंदू कॉलेज दिल्ली की टीम ने नृत्य किया।
काशी के घाट से लेकर गौतम बुद्ध तक
तकनीक के हुनरमंदों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। काशी के घाटों की खूबसूरती को ड्राइंग शीट पर उकेरा। वहीं, गौतम बुद्ध की आकृति भी उकेरी। महामना की आकृति के साथ काशी की संगीत परंपरा और प्राचीनता को पेंसिल से बनाया। चित्रकला के साथ युवाओं ने बेकार पढ़े सामानों का प्रयोग कर साजो सामान भी तैयार किए।
अल्फाज के सुरों ने मचाया धमाल
प्रो नाइट में वाराणसी के बैंड ‘अल्फाज’ ने अपनी प्रस्तुति से सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। एक के बाद एक बॉलीवुड गीतों के मैशअप पर गिटार और ड्रम की जुगलबंदी पर देर रात तक आईआईटीयंस थिरकते रहे।