फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: बैक्टेरियोफाज पर अनुसंधान को बढ़ावा देने की जरूरत

विज्ञापन
विज्ञापन
आईएमएस बीएचयू में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने बैक्टेरियोफाज यानी बैक्टीरिया को खाने वाला वायरस के प्रभावों पर चर्चा की। इस दौरान पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल ने कहा कि बैक्टेरियोफाज पर अनुसंधान को बढ़ावा देने की जरूरत है। केएन उडुप्पा सभागार में बैक्टेरियोफेज अनुसंधान एवं एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस विषय पर आयोजित सम्मेलन में प्रो. सरोज चूड़ामणि ने कहा कि अब समय आ गया है जब बैक्टेरियोफेज जैसे प्राकृतिक एवं प्रभावी विकल्पों को पारंपरिक एंटीबायोटिक्स के स्थान पर गंभीरता से अपनाया जाए। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जम्मू) के कुलपति प्रो. बीएन त्रिपाठी ने फेज बायोलॉजी एवं संक्रमण विज्ञान के अनुवादात्मक अनुसंधान में बीएचयू के योगदान की चर्चा की। अध्यक्षता करते हुए बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि सूक्ष्मजैविकी विभाग आधुनिक जैव–चिकित्सकीय नवाचारों की रीढ़ हैं और इनके लिए अत्याधुनिक अधोसंरचना, अंतःविषयक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग आवश्यक है। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्राे.एसएन संखवार ने सहयोगात्मक अनुसंधान के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस की चुनौती से निपटने को जरूरी बताया।स्वागत आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. गोपाल नाथ ने किया। सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन हुआ। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. दीपक कुमार ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें