माली के अभाव में शहर के पार्कों का हाल बेहाल है। कहीं घास उग गई है तो कहीं दरवाजे टूटे पड़े हैं। कुछ पार्कों में आसपास के लोग गेहूं सूखा रहे हैं। नगर निगम की सूची में कुल पार्कों की संख्या 225 है। मात्र 12 पार्कों में ही माली हैं। ऐसी स्थिति में पार्कों की देखरेख करने में परेशानी आ रही है। रत्नाकर पार्क अस्सी की हालत काफी खराब हो चुकी है। दरवाजे टूटे पड़े हैं। कुछ लोग पालतू कुत्तों को टहलाते हैं। जिसकी वजह से काफी गंदगी रहती है। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद भी पार्क की हालत नहीं सुधर रही है। बेनियाबाग के पास पार्क में लगे झूले पर पर्दा डाला गया है। इरफान अहमद ने बताया कि गंदगी के चलते सुबह और शाम को टहलने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है। कई बार असामाजिक तत्व कूड़े में आग लगा देते हैं। नगर निगम के सामने शहीद उद्यान पार्क की भी हालत बहुत अच्छी नहीं है। कमोबेश अधिकांश पार्कों की स्थिति बदहाल है। पार्कों की देखरेख नगर निगम के जिम्मे है, लेकिन हालत से अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम कुछ नहीं हो रहा है। शहर के पार्कों की सुंदरीकरण की योजना बनाई गई। कुछ पार्कों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश मरम्मत का इंतजार कर रहे हैं। पार्कों को गोद देने की योजना भी ठंडे बस्ते में चली गई।
निगम के पास 12 माली हैं। 30 और रखने की स्वीकृति मिली है। जल्द ही आउटसोर्सिंग वाले माली रखे जाएंगे। पार्कों को सुंदर बनाने की योजना बनाई गई है। जल्द ही पार्कों को ठीक किया जाएगा। - केएस पांडेय उद्यान अधीक्षक