मोबाइल से कॉल करने पर घर वालों ने बताया कि रवींद्र शुक्रवार को उधार लिया हुआ चार हजार रुपये देने के लिए निकला था, लेकिन अभी तक वापस नहीं आया। परिजनों ने बताया कि वह दो भाइयों में बड़ा था और कबाड़ खरीद कर दुकान पर बेचने का काम करता था।
रवींद्र की शादी छह साल पहले पराऊगंज, जौनपुर निवासी गंगा राम की पुत्री कविता से हुई थी। दोनों के दो बेटे और एक बेटी है। पिता मूलचंद राम घर पर खेती का काम करते हैं। रवींद्र के गंगा में कूदने की सूचना पाकर उसकी मां परमिला देवी और पत्नी कविता का रो-रोकर बुरा हाल था।