दुर्गाकुंड स्थित धर्म संघ में आयोजित छठी महोत्सव। अमर उजाला
वाराणसी। काशी में बुधवार को नटखट कन्हाई की षष्ठी (छठी) संस्कार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। शिवालयों और घरों में विराजमान लड्डू गोपाल का सुगंधित देशी-विदेशी फूलों से नयनाभिराम शृंगार किया गया। माताओं-बहनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए प्रभु को सुसज्जित पालने में झुलाया और सोहर गाकर जन्मोत्सव की खुशियां बांटीं। इस अवसर पर प्रभु को परंपरागत सेठौरा, माखन-मलाई, कढ़ी-चावल, मिश्री और टॉफी-चॉकलेट का भोग लगाया गया।
दुर्गाकुंड स्थित श्रीधर्मसंघ प्रांगण (मणि मंदिर) में भव्य उत्सव मनाया गया। यहां हिंडोले पर विराजे बालमुकुंद को छप्पन भोग अर्पित किए गए, जिसमें 11 किलोग्राम का मलाई से निर्मित विशेष केक आकर्षण का केंद्र रहा। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज ने श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद दिया। शाम की महाआरती के बाद महामंत्री पं. जगजीतन पांडेय ने भक्तों को महाप्रसाद बांटा। सांस्कृतिक संध्या में गायक आर्यन बाबू व कृष्ण कुमार तिवारी कृष्णा ने नंद के अंगना में बज रही आज बधाई और लाला की सुनके मैं आई यशोदा मैया... जैसे मंगल गीतों से समा बांध दिया। वाद्ययंत्रों पर पंकज राय, रंजन और अनिल ने सुर-ताल की संगत की। कार्यक्रम में डीआईजी वैभव कृष्ण, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, राजमंगल पांडेय और कृष्णानंद पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पीतांबरी धारी महिलाओं ने काजल से उतारी नंद लाला की नजर
नाटी इमली स्थित नित्य नया हनुमान मंदिर में महिला मंडल ने पारंपरिक उल्लास के साथ उत्सव मनाया। पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं ने गुलाब व बेला के फूलों से ठाकुर जी को सजाया। माखन और सेठौरा का भोग अर्पित करने के बाद मातृत्व भाव से कन्हाई को काजल का टीका लगाकर उनकी नजर उतारी गई। इस रस्म के दौरान प्रभा, शिवरानी, मुन्नी, सुषमा, सुमन, सीमा, रेखा और विद्या सहित कई महिलाएं मंगल गीतों पर झूमती नजर आईं।