महाशिवरात्रि की पूर्वसंध्या पर श्री काशी विश्वनाथ धाम के शंकराचार्य चौक में संगीत संध्या हुई। कभी राम बनके, कभी श्याम बनके गाने से लोकप्रिय हुई तृप्ति शाक्य के भजनों पर भक्त झूम उठे। तृप्ति ने बाबा दरबार में अपने भजनों से समा बांधी। उन्होंने मेरे भोले की जटा से गंगा बहती है, मुझपे महादेव की कृपा हर पल रहती है, सुनाया तो पूरा मंदिर परिसर महादेवमय हो गया। इसके बाद मेरे बाबा भोले भाले किया जीवन ये तेरे हवाले गाना गाया।
शुक्रवार को बाबा का दर्शन पूजन करने के बाद भक्ति संध्या में तृप्ति ने सत्यम शिवम सुंदरम के गायन के साथ मंच पर पहुंची। कहा कि मैं बहुत भाग्यशाली हूं, जो आज बाबा दरबार में हाजिरी लगाने का मौका मिला। साथी कलाकारों में गायन में प्रदीप प्रयागराज, आक्टोपेड पर सतीश मलिक, दूसरे आक्टोपेड पर छोटू, ढोलक पर राजा भट्ट, दूसरे ढोलक पर जयशंकर चतुर्वेदी, की बोर्ड पर बबलू, रवि बाजपेई रहे। कोरस में नवीन व वंदना ने साथ दिया।
पंडित शिवनाथ मिश्र ने अपने पुत्र देवब्रत मिश्र के साथ सितार से चारू केसी में तीन ताल पर जब जुगलबंदी की। इसके बाद तबले और सितार से जब महादेव की धुन पर जुगलबंदी हुई तो भक्त ताली बजाने लगे। गायन में आए आर्यन मिश्र ने भी शिवतांडव व शिवभजन की प्रस्तुति दी। शुरुआत शिवनाथ मिश्र, पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन, काशी जोन के डीसीपी आरएस गौतम ने दीप जलाकर की। आए हुए कलाकारों को मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने अंगवस्त्रम, रुद्राक्ष और प्रसाद देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा रहे।