अस्पतालों में खाली हैं 1008 बेड
जिले में सरकारी और निजी कोविड हॉस्पिटलों को मिलाकर कुल 1391 बेड हैं लेकिन वर्तमान में अगर स्वास्थ विभाग की ओर से आंकड़ों पर गौर करें तो केवल 383 मरीज ही भर्ती हैं। बाकी मरीज होम आईसोलेशन में हैं। अभी भी 1008 बेड खाली हैं। ऐसे में अगर देखा जाए तो स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन भी डोर टू डोर सर्वे के साथ ही होम आइसोलेशन वालों पर ज्यादा सतर्कता बरत रहा है।
ऑक्सीजन और जांच पर है विशेष जोर
कोविड हास्पिटल में भर्ती मरीजों के ऑक्सीजन की नियमित जांच होती रहे और उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए जिलाधिकारी ने अनिवार्य रूप से पल्स ऑक्सीमीटर रखने को कहा है। सभी मरीजों की नियमित जांच करते रहने का निर्देश दिया है।
रेफर होने से पहले पोर्टल पर होगी फीडिंग
गंभीर दशा में किसी मरीजों को रेफर करने के बाद अस्पताल में भर्ती होने के लिए इंतजार न करना पड़े, इसको लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अब एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक रेफर होने से पहले पूरी जानकारी पोर्टल पर फीड करनी होगी। आपसी संवाद न होने की वजह से पहले मरीजों को भर्ती होने के लिए इंतजार न करना पड़े उसको लेकर व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अस्पतालों की ओर से दिन में 5 बार जानकारी पोर्टल अपलोड की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बढ़ी सैंपलिंग
पिछले दिनों बीएचयू के सेंट्रल ऑफिस में समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मरीजों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था। सितंबर महीने में अब तक 5 दिनों में रोजाना 3000 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही कांटेक्ट ट्रेसिंग वालों की निगरानी की जा रही है। जिससे की संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सके। उधर जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी-निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की भी सामूहिक जांच कर उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है।