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वाराणसी में फिर बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा, सीएम योगी के चिंता जाहिर करने के बाद इन खास उपायों जोर

Sat, 05 Sep 2020 06:00 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। जिस पर नियंत्रण अब स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनती जा रही है। यह तो गनीमत है कि होम आइसोलेशन की सुविधा शुरू हो गई है, नही तो जिस तरह से मरीज बढ़ रहे हैं, मुसीबत और बढ़ जाती। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए अस्पतालों को अपग्रेड करने, स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, आक्सीजन जांच आदि पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

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अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह में जहां मौत का ग्राफ भी थोड़ा नीचे आया था वही मरीजों की संख्या में भी कमी देखने को मिली थी। पहले जहां रोजाना 250 से 300 मरीज मिलते थे वही अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह में संख्या 150 के नीचे आ गई थी। अब एक बार फिर से मरीज बढ़ने लगे हैं। जिसको लेकर मुख्यमंत्री ने भी चिंता जाहिर की है।

इधर, मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद स्थानीय स्तर पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर नियंत्रण को लेकर रणनीति बनाने में जुट गया है। जिसमें पहले से बने लेवल-1 कोविड हॉस्पिटलों में लेवल-2 जैसी सुविधाओं के लिए अपग्रेड किया जा रहा है।
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वहां ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया कराने, मरीजों की देखभाल की मानिटरिंग करते रहने के साथ ही समय पर इलाज मिल सके इसको लेकर के जिलाधिकारी ने सभी सीएमएस से अस्पताल से जुड़ी व्यवस्थाओं,मरीजों की सेहत को लेकर अलर्ट रहने को कहा है।

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कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला

अस्पतालों में खाली हैं 1008  बेड

जिले में सरकारी और निजी कोविड हॉस्पिटलों को मिलाकर कुल 1391 बेड हैं लेकिन वर्तमान में अगर स्वास्थ विभाग की ओर से आंकड़ों पर गौर करें तो केवल 383 मरीज ही भर्ती हैं। बाकी मरीज होम आईसोलेशन में हैं। अभी भी 1008 बेड खाली हैं। ऐसे में अगर देखा जाए तो स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन भी डोर टू डोर सर्वे के साथ ही होम आइसोलेशन वालों पर ज्यादा सतर्कता बरत रहा है।

ऑक्सीजन और जांच पर है विशेष जोर 

कोविड हास्पिटल में भर्ती मरीजों के ऑक्सीजन की नियमित जांच होती रहे और उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी न हो इसके लिए जिलाधिकारी ने अनिवार्य रूप से पल्स ऑक्सीमीटर रखने को कहा है। सभी मरीजों की नियमित जांच करते रहने का निर्देश दिया है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला

रेफर होने से पहले पोर्टल पर होगी फीडिंग

गंभीर दशा में किसी मरीजों को रेफर करने के बाद अस्पताल में भर्ती होने के लिए इंतजार न करना पड़े, इसको लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अब एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक रेफर होने से पहले पूरी जानकारी पोर्टल पर फीड करनी होगी। आपसी संवाद न होने की वजह से पहले मरीजों को भर्ती होने के लिए  इंतजार न करना पड़े उसको लेकर व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। अस्पतालों की ओर से दिन में 5 बार जानकारी पोर्टल अपलोड की जाएगी।

 मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद बढ़ी सैंपलिंग

पिछले दिनों बीएचयू के सेंट्रल ऑफिस में समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मरीजों की जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया था। सितंबर महीने में अब तक 5 दिनों में रोजाना 3000 से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही कांटेक्ट ट्रेसिंग वालों की निगरानी की जा रही है। जिससे की संक्रमण पर नियंत्रण किया जा सके। उधर जिलाधिकारी के निर्देश पर सरकारी-निजी संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की भी सामूहिक जांच कर उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है।
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