लंका से दुर्गाकुंड मार्ग पर संकटमोचन तिराहे के आगे पुलिया के नीचे से नाला बहता है। यही नाला आगे जाकर जियो बैग से होकर गंगा में मिल जाता है। संकटमोचन तिराहे से कुछ दूरी पर बाईं तरफ मिट्टी धंसने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो पुलिया धंसने से दुर्गाकुंड से लंका जाने वाला मार्ग बाधित हो सकता है। लंका से दुर्गाकुंड मार्ग पर संकटमोचन और मानस मंदिर है। पुलिया के नीचे नाला बहता रहता है। गंगा में आने वाली बाढ़ के दौरान संकटमोचन पुलिया से पानी ऊपर चढ़ता है। नगर निगम की ओर से अक्सर नाला सफाई और कूड़ा उठान का कार्य होता है। इस दौरान दुर्घटनाएं भी होती हैं। कई बार जेसीबी से पुराने नालों की दीवारें खिसक जाने से दिक्कत आती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले नगर निगम की एक जेसीबी से कूड़ा निकाला गया था। वापस जाते समय कुछ किनारे पर तोड़ा है। इस वजह से दिक्कत होने के कारण नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई। नगर निगम जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि नाले की सफाई नगर निगम कराता है। सफाई के दौरान रेलिंग के पास टूट-फूट हो गई थी। इसकी मरम्मत सफाई के बाद करा दी जाएगी।