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महिला दिवस पर दिखाइए वोट की ताकत

Wed, 08 Mar 2017 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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वाोट - फोटो : SELF
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सुखद संयोग है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन यानी आठ मार्च को लोकतंत्र का महापर्व मनाया जाएगा। मतदान के लिए आधी आबादी पूरी तरह से तैयार है क्योंकि महिला दिवस को मनाने का इससे अच्छा और कोई तरीका नहीं सकता। सही मायनों में महिला दिवस के मायने तभी पूरे होंगे, जब आधी आबादी घरों से निकल कर वोटों की बारिश करते हुए कीर्तिमान स्थापित कर दे। काशी की राजनीति में पहचान बनाने वाली महिलाओं के नाम गिनना शुरू करें तो हाथ की अंगुलियां बच जाती हैं लेकिन मतदाताओं में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी आधी आबादी की है। इसे देखते हुए राजनीति में दखल बहुत कम है। बात यहीं खत्म नहीं होती, महिलाएं वोट देने में भी पीछे ही रही हैं।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल 2009 में अपना दल की जनरल सेक्रेटरी चुनी गई थीं। 2012 के चुनाव में रोहनिया से उन्होंने विधानसभा चुनाव जीता। 2014 में मिर्जापुर सेे लोकसभा चुनाव भी जीता। ऐसे ही करीब पच्चीस साल पहले घर की चहारदीवारी से निकल कर कैंट विधायक ज्योत्सना श्रीवास्तव ने भी राजनीति में कदम रखा था। कैंट से वह चार बार विधायक रहीं। इनके अलावा राबिया कलाम भी एक बार विधायक चुनी गईं।
 
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर विशाल भारत संस्थान की ओर से सामाजिक कार्यकर्ताओं ने घर घर जाकर महिलाओं को खास तौर पर मतदान करने की अपील की। कहा कि ज्यादा से ज्यादा मतदान कर महिलाएं अपनी शक्ति का प्रदर्शन करें और महिला दिवस को सार्थक बनाएं। संस्थापक डॉ. राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में हुकुलगंज, शक्करतालाब, सिधवा घाट, पीलीकोठी, अर्दलीबाजार में घर घर संपर्क किया।
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  मंगलवार को कृषि विज्ञान संस्थान में ‘महिला सशक्तिकरण’ पर आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल ने अपनी ही कहानी से लोगों को प्रेरित किया। बताया कि कैसे पुरुष प्रधान समाज में पहली महिला सर्जन बनकर अपनी अलग पहचान बताई। विशिष्ट अतिथि प्रो. चंद्रकला पाडिया ने कहा कि स्त्रियों ने अपने बूते, मुश्किलों को सामना करते हुए खुद के लिए कीर्तिमान बनाया। कृपा देवी ने कहा कि पश्चिमी सभ्यता ने नारी के उद्धार तो दूसरे ओर उसके पतन का भी काम किया है। संयोजन संकाय प्रमुख प्रो. रमा देवी निम्मनपल्ली ने किया। संचालन सेज सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुराधा ने किया।   
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