वाराणसी। इस वर्ष गेहूं खरीद में पारदर्शिता और किसानों को नामिनी की सुविधा देने के लिए पॉप (पॉइंट आफ परचेज) मशीन शुरुआत की गई थी। लेकिन अप्रैल में कोरोना संक्रमण के कारण इसे शुरू होने से पहले बंद कर दिया गया था। जिले के 31 क्रय केंद्रों पर बिक्री बंद होने में मात्र सात दिन शेष बचे तो सोमवार को सभी केंद्रों पर पॉप (पॉइंट आफ परचेज) मशीनें इंस्टाल करा दी गई। इसके लिए पांच जून को केंद्र प्रभारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया। हालांकि इससे खरीद तो नहीं हुई मगर केंद्र प्रभारियों के लिए परेशानी जरूर बनी रही।
एक अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की शुरुआत तो कर दी गई थी। जिसमें पॉप मशीन के माध्यम से भी खरीद एक नई सुविधा किसानों को मिलने वाली थी। मगर कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मशीन से खरीद पर रोक लगा दी गई। अब जब खरीद के सात दिन बचे तो केंद्र प्रभारियों को इसके संचालन का प्रशिक्षण देकर सभी केंद्रों पर पॉप मशीनें लग गई। मगर इससे किसी केंद्र पर खरीद नहीं हुई। अजगरा, चोलापुर, करसड़ा के प्रभारियों ने बताया कि मशीन तो मिली मगर उससे खरीद नहीं हुई। जिला विपणन अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जनपद के अनलॉक होने के बाद सभी क्रय केंद्रों पर पॉप मशीनें शुरू कर दी गई हैं। अब इसी मशीन से खरीद होगी।