वाराणसी। कोरोना संकट के इस दौर में बहुत से ऐसे निजी अस्पताल हैं, जो शासनादेश को बेमतलब साबित करने में लगे हैं। ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन, कोरोना की जांच, इलाज के नाम पर मरीजों को लूट रहे हैं। ऐसा ही मामला भिखारीपुर स्थित एपेक्स अस्पताल का भी है। यहां पर कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए 1800 रुपये मरीजों को देना पड़ रहा है। इस तरह की स्थिति तब है, जब शासन ने निजी अस्पतालों द्वारा निजी लैब में आरटीपीसीआर जांच के लिए 700 से लेकर 900 रुपये तक निर्धारित किया है। स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन भी इससे बेखबर है।
भिखारीपुर स्थित एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना मरीजों के साथ ही डॉक्टर को दिखाने आने वालों की जांच कराई जा रही है। कुछ लोग यहां बाहर से भी जांच कराने पहुंच रहे हैं। औसतन हर दिन एंटीजन, आरटीपीसीआर मिलाकर 50 अधिक जांच भी हो रही हैं।
खास बात यह है कि आरटीपीसीआर जांच के लिए 1800 रुपये का बिल भी अस्पताल की ओर से मरीजों को दिया जा रहा है, लेकिन यह बात समझ में नहीं आ ही है कि जब शासन की ओर से 13 अप्रैल को ही जारी आदेश में निजी लैब, अस्पताल में कोरोना आरटीपीसीआर जांच का रेट 700 से 900 तय किया जा चुका है, तो यहां अलग फीस क्यों ली जा रही है।
केस वन
एपेक्स हास्पिटल में डॉक्टर को शुक्रवार को दिखाने आए 40 वर्षीय एक मरीज के परिजन अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टर ने उन्हें कोरोना जांच कराने को कहा। परिजनों के मुताबिक पहले तो उन्होंने 1300 जमा करके एंटीजन टेस्ट कराया, उसमें रिपोर्ट नेगेटिव आई। उसके बाद डॉक्टर ने उन्हें आरटीपीसीआर जांच कराने को भी कहा। इसके लिये 1800 रुपये जमा कर उन्होंने जांच कराई है, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
केस दो
41 वर्षीय पुरुष ने 20 अप्रैल को एंटीजन जांच कराया। इसके लिए उन्होंने 1300 रुपये जमा किया। बताया कि रिपोर्ट तो निगेटिव है, जब आरटीपीसीआर जांच के लिए पूछा गया तो काउंटर पर बताया गया कि 1800 रुपये में आरटीपीसीआर जांच होगी।
आरटीपीसीआर जांच के लिए शासन का आदेश (13अप्रैल,2021
निजी अस्पताल द्वारा निजी लैब में दिए सैंपल की जांच - 700(जीएसटी सहित)
किसी व्यक्ति द्वारा खुद लैब जाकर कोरोना जांच कराना -700 (जीएसटी सहित)
निजी लैब द्वारा खुद लिए गए सैंपल की दर - 900(जीएसटी सहित)
सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटीजन और आरटीपीसीआर दोनों जांच नि:शुल्क होती हैं। निजी अस्पताल और लैब के लिए शासन ने रेट निर्धारित किया है। इसकी जानकारी भी सभी अस्पतालो को दी जा चुकी हैं। अब मरीजों से इससे ज्यादा फीस क्यों ली जा रही है। इस मामले में संबंधित अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाएगा। -डॉक्टर वीबी सिंह, सीएमओ
अस्पताल में शासन के निर्देशानुसार ही मरीजों से आरटीपीसीआर जांच की फीस ली जा रही है। आरटीपीसीआर की जांच के लिए लिए जा रहे 1800 में 1600 रुपये जांच बल्कि 200 रुपये डाक्यूमेंटेशन, सेनेटाइजेशन सहित अन्य मद में लिया जाता है। अलग-अलग किट से जांच का अलग अलग रेट है। -डॉक्टर एसके सिंह, चेयरमैन एपेक्स हास्पिटल