जिले में पुरुष नसबंदी का आंकड़ा चार गुना बढ़ गया है। 2017-18 में 25 लोगों ने नसबंदी कराई थी, जबकि 2022-23 में आंकड़ा बढ़कर 98 पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर साल पुरुष-महिला नसबंदी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं। इसमें महिला की तुलना में पुरुषों की संख्या नसबंदी कराने में बहुत कम रहती है।
विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं का असर है कि अब पुरुष नसबंदी भी बढ़ी है। सीएमओ डाॅ. संदीप चौधरी ने बताया कि 2017-18 में पुरुष नसबंदी की संख्या 25 थी, जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर 98 हो गई है। इसके अलावा परिवार नियोजन का उपाय अपनाने वालों की संख्या भी बढ़ी है। परिवार कल्याण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एचसी मौर्य का कहना है कि पुरुष भागीदारी बढ़ाने के लिए नवदंपति को दिया जाने वाला शगुन किट बहुत उपयोगी है। जिले के आठ ब्लॉक के करीब 250 स्वास्थ्य इकाईयों पर परिवार नियोजन बॉक्स हैं, जहां पूरी गोपनीयता के साथ लोग इसका उपयोग कर रहे हैं।