शारदीय नवरात्र महोत्सव के रंग छाने लगे हैं। प्रतिपदा के दिन से ही काशी में कुछ स्थानों पर दुर्गोत्सव की झांकियां सज जाएंगी। इसके लिए सड़कों पर झूमर और रंग-बिरंगी लतरों से रात तक सजावट कर ली गई। पांच पंडालों में जगत जननी की नयनाभिराम प्रतिमाएं देर शाम पहुंचा दी गईं। सविधि मंत्रोच्चार के साथ शनिवार को प्रतिमाओं की प्राणप्रतिष्ठा होगी। टाउनहाल में मंदिर के आकार वाले मंडप में कलश स्थापित किया जाएगा। शहर में शेष स्थानों पर पंडालों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, तो कलाकार प्रतिमाओं के साजसज्जा में जुटे हैं।
जगत जननी की झांकियों से शारदीय नवरात्र की छटा पहले दिन से ही निखर जाएगी। पांच पंडालों में नवरात्र प्रतिपदा से ही दुर्गापूजा महोत्सव आरंभ होगा। इनमें से सुड़िया एसबी स्पोर्टिंग क्लब, शारदीय दुर्गापूजा महोत्सव गायघाट, नवापुरा नवदुर्गा मंदिर, दारानगर, हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के पास के पंडालों में देर शाम जगत जननी की नयनाभिराम प्रतिमाएं पहुंचा दी गईं। सुड़िया में वैष्णो देवी की गुफा बनाई गई है। गुफा से होकर भक्त मां के दर्शन करेंगे। पंडाल से लेकर सुड़िया तिराहे तक को झालरों से सजा दिया गया है। शेर पर सवार दुर्गा, महिषासुर और लक्ष्मी, गणेश, सरस्वती, षड़ानन की प्रतिमाओं को पंडाल में लाए जाने के बाद बच्चों, महिलाओं की भीड़ लग गई। जयकारे लगाए गए।
शनिवार को दिन के 10 बजे के बाद प्रतिमा की प्रतिष्ठापना होगी। इसी के साथ झांकी दर्शन आरंभ हो जाएगा। उधर, टाउनहाल में मंदिर के आकार वाले मंडप को मूर्त रूप दे दिया गया। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के तिलक राज मिश्र ने बताया कि विसर्जन पर फैसला हाईकोर्ट में लंबित होने से कलश स्थापना की जा रही है। दिन में पूजा और शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुतियां यादगार बनेंगी। गायघाट स्थित शारदीय दुर्गा पूजन महोत्सव के भी पंडाल में प्रतिमा पहुंचा दी गई है। इस महोत्सव समिति के अध्यक्ष जीएन सिंह ने बताया कि प्रतिपदा लगने के बाद प्रतिमा की प्रतिष्ठापना होगी। नौ दिन तक महोत्सव चलेगा। उधर एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि इस बार पूजा पंडालों की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी।