सिगरा क्षेत्र की सिंधु नगर कॉलोनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद निधि से कराए गए कार्य में हुए घपले पर परदा डालने की कवायद में जुटे अधिकारियों और ठेकेदार को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने जोर का झटका दिया। बुधवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने ‘अमर उजाला’ में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए नगर आयुक्त और परियोजना निदेशक (पीडी) तत्काल जांच के लिए मौके पर भेजा। मंत्री ने अधिकारियों से पूरी जांच रिपोर्ट मांगने के साथ ही साफ कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाए।
मंत्री के कड़े रुख से संबंधित अधिकारियों में खलबली मच गई है। सिंधु नगर कॉलोनी में सांसद निधि से सीवर लाइन बिछाने का काम आरईएस ने ही कराया था। मंत्री के निर्देश पर जब दोनों अधिकारी कॉलोनी पहुंचे तो वहां अधूरी छोड़ी गई सीवर पाइप लाइन पूरी कराई जा रही थी। सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। वहीं हृदय योजना से बनी अमर नगर और नरिया, सुंदरपुर, संकट मोचन मार्ग की भी जांच का निर्देश मंत्री ने दिया है। मंत्री ने बताया कि शीघ्र ही कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाकर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बनाई गई सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग को सौंपी जाएगी। साथ ही, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के लिए अलग बजट का प्रावधान भी सुनिश्चित कराया जाएगा।
सिंधु नगर कॉलोनी में डी 57/9 रामेश्वर के आवास से डी 57/28 सुरेश गर्ग के मकान तक (116.25 मीटर) सीवर बिछाने एवं चौकी रीसेटिंग का काम कराया जाना था। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के ठेकेदार ने सीवर लाइन पूरी नहीं बदली। सीवर लाइन की पाइप की चौड़ाई मानक के विपरीत है। करीब 80 फीसदी काम कराया ही नहीं गया है। सीवर लाइन का काम मार्च, 2017 में पूरा करवाया गया लेकिन शिलापट्ट पर 9 नवंबर, 2016 दर्शाया गया। भाजपा कैंट मंडल के प्रभारी सौरभ सिंह मुन्ना, महामंत्री मधूप सिंह, आनंद सिंह, कौशल सिंह समेत अन्य नेताओं ने इसकी शिकायत डीएम योगेश्वर राम मिश्र से की थी।