अमर उजाला इंपैक्ट
आरएलडीए को भूमि देने के विरोध में जीएम सहित अन्य अधिकारियों को लिखा पत्र
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। बरेका में पीपीपी मॉडल पर 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने के लिए कर्मचारियों के 120 क्वार्टर तोड़ने का मुद्दा गरमा गया है। अमर उजाला में शुक्रवार को समाचार प्रकाशित होने के बाद अब बरेका कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव ने बरेका जीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर फैसले को वापस लेने की मांग की है। बरेका में रेलवे की करीब 7 एकड़ जमीन पर 500 बेड का सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने के लिए जमीन को रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को देने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। जैसे ही कर्मचारियों को जानकारी हुई वह नाराज हो गए। कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव प्रदीप कुमार यादव ने अधिकारियों को पत्र लिखकर विरोध जताया। इसकी प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, चेयरमैन रेलवे बोर्ड को भी दी गई है। कहा है कि बरेका की पूर्वी कॉलोनी की भूमि को रेल भूमि विकास प्राधिकरण को देने का प्रस्ताव दुर्भाग्यपूर्ण, अन्यायपूर्ण और कर्मचारी हित के प्रतिकूल है। पूर्वी कॉलोनी सर्वश्रेष्ठ, सुव्यवस्थित और पूर्ण विकसित आवासीय कॉलोनी है। यहां वर्षों से रेल कर्मचारी अपने परिवार के साथ निवास कर रहे हैं। यह कॉलोनी शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त है। कर्मचारियों को हटाकर यह जमीन आरएलडीए को देने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से परेशानी होगी।