बीएचयू परिसर स्थित झाड़ियों में लगी आग।
आईपी मॉल के सामने रविवार की शाम जियाउद्दीन (17) ने पानी की टंकी से कूदकर जान दे दी। शाम को परिवार में ही किसी की शादी थी। वह घर से तैयार होकर निकला था। समारोह में जाने की बजाए वह पानी की टंकी पर चढ़ गया और जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सिगरा क्षेत्र के लल्लापुरा निवासी समीर अहमद पल्लेदारी करते हैं। उनका बेटा जियाउद्दीन मुस्लिम इंटर कॉलेज में कक्षा दस में पढ़ता था। रविवार को परिवार में किसी की शादी थी। अपराह्न करीब तीन बजे वह घर से तैयार होकर निकला था। कुछ देर बाद वह पानी की टंकी पर चढ़ने लगा। पास में मौजूद लोगों ने उससे इसका कारण पूछा तो उसने बताया कि वह जान देने जा रहा है। लोग उसे बचाने के लिए आगे बढ़े लेकिन तब तक वह नीचे कूद गया। एसओ सिगरा विनोद बाबू मिश्र का कहना है कि जियाउद्दीन नशा करता था। पारिवारिक विवाद के कारण उसने जान दी है।
बीएचयू में रविवार को दो जगहों पर झाड़ियों में आग लग गई। आग भड़की तो लोगों को लोगों को पता चला। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर बुझाई। रविवार को मैत्रीभवन चौराहे के सामने आईआईटी के धातुकीय विभाग के सामने झाड़ियों में आग लग गई। वहां से गुजर रहे छात्रों ने आग देखकर बीएचयू के प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सूचना दी। तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। इसके पहले विश्वनाथ मंदिर के पास हुई। यहां भी मंदिर के पीछे झाड़ियों में ही आग लगी। यहां पर भी मौके पर फायर ब्रिगेड की टीम ने आग बुझाया। बताया जा रहा है कि दोनों ही जगहों पर शार्ट सर्किट से आग लगी है। दोनों ही जगहों पर बिजली के खंभे हैं जिसकी वजह से ये आग लगी।
उध्ार, दुर्गाकुंड स्थित कपड़ों के एक बहुमंजिले शोरूम के चौथे मंजिल पर रखे कबाड़ में रविवार की रात अचानक आग लग गई। आननफानन में शोरूम के कर्मचारियों ने अग्निशमन यंत्र की मदद से आग पर काबू पाया। थोड़ी ही देर में फायरब्रिगेड की एक गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई थी। आग लगने के कारण शोरूम और आसपास के इलाके में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था।
वहीं, थाना क्षेत्र के सरसौल गांव में चूल्हे से निकली चिंगारी से जूठन राम की चार रिहायशी मड़ईयां जलकर राख हो गईं। पता चला कि भोजन बनाने के बाद आग ठीक से बुझाई नहीं गई थी। उसकी चिंगारी से मड़ई में आग लग गई। एक के बाद एक उनकी चार मड़ईयां आग की चपेट में आ गईं। ग्रामीणों की मदद से लंबी मशक्कत के बाद किसी तरह आग बुझाई गई लेकिन तब तक मड़ईयांे आैर उसमें रखे गृहस्थी के सभी सामान, अनाज और हजारों रुपये नगद जलकर राख हो गए।