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Varanasi News: पिछले साल 4 अगस्त को ही खतरे का निशान पार कर गई थीं गंगा, इस साल 6.48 मीटर नीचे

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वाराणसी। गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। सोमवार को जलस्तर में कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को जलस्तर 63.78 मीटर ही रहा। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल चार अगस्त को ही गंगा खतरे के निशान को पार कर गई थीं। बीते चार अगस्त को गंगा का जलस्तर 72.1 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है।
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार रात तक जलस्तर 63.78 मीटर दर्ज किया गया था। रविवार को पानी बढ़कर श्री काशी विश्वनाथ धाम के गंगा द्वार तक पहुंच गया था। इस कारण मंदिर प्रशासन ने उस द्वार से दर्शन बंद कर दिए। दशाश्वमेध घाट पर आरती स्थल को भी 20 फीट पीछे करना पड़ा। सोमवार को जलस्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई। वहीं, पिछले साल से तुलना की जाए तो इस साल गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 6.48 मीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है।
इस साल भी जलस्तर के रौद्र रूप दिखाने के आसार हैं। इसका मुख्य कारण ऊपरी गंगा बेसिन में बारिश और सहायक नदियों से आने वाला पानी है। पिछले साल जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण गंगा और उसकी सहायक नदियों में जबरदस्त बढ़ाव आया था। 2025 में इसका असर प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक पहुंचा और जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर चला गया। इस साल भी उत्तराखंड में अलकनंदा और मंदाकिनी जैसी नदियों में भारी बारिश से जलस्तर बढ़ा है, जिसके कारण यूपी में गंगा के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई गई थी।
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