मरदह। क्षेत्र में सोमवार को चार दिवसीय 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ से पहले भव्य कलशयात्रा निकाली गई। कलश शोभायात्रा में मरदह, जागोपुर, दुर्खुर्शी, सुलेमापुर, पृथ्वीपुर, गोविंदपुर, केलही सहित आसपास के गांवों की 500 से अधिक महिलाएं व कन्याएं शामिल हुईं।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में दिव्य अखंड दीप प्राकट्य एवं परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्म शताब्दी वर्ष (1926-2026) के प्रयोजन में 24 कुंडीय नारी उत्कर्ष गायत्री महायज्ञ एवं व्यसन मुक्ति दीप महायज्ञ का आयोजन प्रज्ञा पीठ परिसर में किया गया है। पहले दिन ज्ञान गंगा संज्ञान शोभायात्रा, युग संगीत और प्रवचन हुआ। गाजे-बाजे और आकर्षक झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा ने करीब पांच किलोमीटर नगर भ्रमण किया।
कलश यात्रा में ध्वजवाहक, मशाल ज्योति के साथ रानी लक्ष्मीबाई, माता गायत्री, राधा-कृष्ण, सावित्रीबाई फुले, सरस्वती माता, भारत माता, दुर्गा माता, लक्ष्मी माता, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद के स्वरूपों की भव्य झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
गायत्री तीर्थ हरिद्वार से पधारे सहायक टोली नायक प्रमोद शास्त्री के सानिध्य में महिलाओं और कन्याओं ने स्वस्तिक चिह्नों से सुसज्जित आम पल्लव, अक्षत, पुष्प, दूर्वा, नारियल, कलावा एवं अमृतत्व जल से भरे कलश सिर पर धारण कर विधि-विधान से नगर भ्रमण करते हुए यज्ञ स्थल पर प्रवेश किया।
इस मौके पर कार्यक्रम की संयोजिका बालमति सिंह, मुख्य ट्रस्टी सुरेंद्र सिंह, लौहर यादव, रविंद्र शास्त्री, श्रीकांत सिंह, मनोज सिंह, लल्लन सिंह मौजूद रहे।