मंडुवाडीह थाना क्षेत्र की एक युवती के संपर्क में भी वह इन दिनों आ गया था। ऋषभ ने अपने एक परिचित से 20 हजार रुपये कर्ज भी लिया था। पैसा लेकर दादरा नगर हवेली चला गया। मई के अंतिम सप्ताह में दो महीने का एडवांस मकान मालिक को दिया था। उसकी योजना थी कि किराये के मकान में छोटी की हत्या कर वह आराम से भाग निकलेगा। चूंकि छोटी के परिवार वाले भी उसकी तलाश अब नहीं कर रहे थे। खोजबीन नहीं होने के कारण वह बच सकता है।
चांदपुर स्थित फैक्ट्री में वह नाम बदलकर मजदूरी कर रहा था। हालांकि मकान मालिक से मिले दोनों के आधार कार्ड, मोबाइल नंबर के जरिये सिलवासा पुलिस ने ऋषभ को खोज निकाला। महेशपुर में किराये के मकान में वह रहता था।