वाराणसी। दो माह पूर्व बदमाशों की गोली से घायल महमूरगंज स्थित दवा मेडिकल संचालक पंकज राय (48) की बुधवार तड़के इलाज के दौरान नई दिल्ली स्थित निजी अस्पताल में मौत हो गई। बेहतर इलाज के लिए परिजन एक माह पूर्व छह मई को नई दिल्ली स्थित अस्पताल ले गए थे। पंकज के मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बीते 17 अप्रैल की रात में मेडिकल स्टोर के अंदर कहासुनी के दौरान हमलावरों ने पंकज को गोली मारी थी। हालांकि घटना के 24 घंटे के अंदर ही भेलूपुर थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
सिगरा के छित्तूपुर दयाल इंक्लेव निवासी श्रीकांत राय के पुत्र पंकज राय अपना महमूरगंज में मेडिकल स्टोर चलाते थे। 17 अप्रैल की रात दवा लेने के दौरान हुए विवाद में दो युवकों ने पंकज राय को गोली मार दी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी अजय कुमार वर्मा, अनिल कुमार प्रजापति और सागर अंबष्ट को गिरफ्तार कर लिया था। गोली पेट में लगने से पंकज की हालत तब से ही खराब ही चल रही थी। पंकज की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। बड़ी बेटी श्रुति राय, बेटा शास्वत, पत्नी विभा राय बेसुध हो गईं। बृहस्पतिवार सुबह पंकज का शव आएगा।
छह मई को एयर एंबुलेंस से गए थे नई दिल्ली
पंकज के छोटे भाई आलोक राय ने बताया कि बीएचयू में आपरेशन होने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ तो 29 अप्रैल की रात में लंका स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। छह मई की रात तबीयत खराब होने पर चिकित्सकों की सलाह पर एयर एंबुलेंस से नई दिल्ली ले गए थे। बीएचयू से ही मल्टी ऑर्गन फेल होने लगा। इंफेक्शन कंट्रोल नहीं होने से लीवर और किडनी डैमेज हो गई थी।
आरोपियों पर को कड़ी कार्रवाई
घटना की सूचना पाकर सिगरा स्थित आवास पर पड़ोसियों की भीड़ इकट्ठा हो गई। इस दौरान पंकज राय के भाई आलोक राय ने कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। भाई आलोक राय ने आरोप लगाया कि भेलूपुर पुलिस चौकी ने सहयोग नहीं किया। 17 अप्रैल से लेकर अब तक चार बार शूटआउट का वीडियो देने के बावजूद चौकी प्रभारी महमूरगंज अनुज तिवारी ने बार-बार कहा कि मिस हो गया।