बारिश के चलते दुर्गाघाट पर श्रीराम तारक मठ की जर्जर खिड़की गिर गई थी। यह रिकाॅर्ड में जर्जर भवन है। जिसे नगर निगम ने नोटिस दिया था। यह काफी समय से बंद था और कोई इसमें रहता नहीं था। मठ के प्रबंधन ने खिड़की गिरने के बाद निजी मजदूर लगाकर भवन के जर्जर हिस्से को गिरवाना शुरू कर दिया है। क्षेत्र की पार्षद कनकलता मिश्रा ने बताया कि यहां कोई रहता नहीं था। मठ के लोग स्वयं इसे गिरवा रहे हैं। बता दें कि पूर्व में यहां पर दुर्गाघाट नाले की मरम्मत जलकल ने करवाई थी। उस दौरान 12 भवनों को खाली करने का नोटिस दिया गया था। मरम्मत कराने के बाद यहां सामान्य रूप से लोग रहने लगे। सचिव जलकल ओपी सिंह ने बताया कि भवनों को खाली कराकर नाले की मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद से कोई समस्या नहीं आई।