कबीर प्राकट्य महोत्सव का भव्य समापन--‘दीये से दीया जलाएं’’ का संदेश लेकर लौटे श्रद्धालु
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स्वर्वेद महामंदिर धाम उमरहां में आयोजित सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव का समापन मंगलवार को आध्यात्मिक उत्सव के रूप में हुआ। हजारों श्रद्धालु भाव-विह्वल होकर संत प्रवर विज्ञान देव महाराज का आशीष लेकर रवाना हुए। संत प्रवर विज्ञान देव ने कहा कि चलो दीप वहां जलाएं, जहां अभी अंधेरा है... का भाव लेकर यहां से जाएं। जब तक हम अपने भीतर के अंधकार को नहीं समझते, तब तक बाहर का प्रकाश भी अधूरा है। कबीर साहब की वाणी हमें बाहर नहीं, भीतर झांकने का दृष्टिकोण देती है। सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज ने विवेक, धैर्य, क्षमा एवं शांति को मानव का आभूषण बताते हुए उसे व्यावहारिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। स्वयंसेवकों ने कतारबद्ध होकर आशीर्वाद लिया। सड़क पर अनुयायियों की भीड़ के चलते डुबकियां, चौबेपुर, उमरहां आदि जगहों पर हाईवे पर जाम जैसी स्थिति रही। पुलिस ने वाहनों को रोक अनुयायियों को रवाना किया।