घने कोहरे और शीतलहर से ठिठुरे लोग
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घने कोहरे के साथ शीतलहर का प्रकोप तेज होने से आम जनजीवन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की रात और शनिवार को ठंड लगने से बुनकर समेत चार लोगों की मौत हो गई। चौबेपुर थाना क्षेत्र के दानियालपुर निवासी बुनकर नियामत अली (55) शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद अपने बिस्तर पर सोने चले गए। देर रात परिवार के लोगों ने देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोगों ने बताया ठंड लगने की वजह से उनकी जान गई है। इसी तरह क्षेत्र के हरिहरपुर गांव निवासी किसान रामबहादुर सिंह (65) सुबह खेत से घर लौटे। ठंड लगने की बात कहते हुए उन्होंने चाय बनवाई। चाय पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। जब तक लोग उन्हें इलाज के लिए ले जा पाते, उनकी मौत हो गई।
मिर्जामुराद क्षेत्र के बेनीपुर, नवाजकपुरा निवासी दिलीप कुमार पटेल (40) को एक हफ्ते पहले ठंड लगने पर परिवार के लोगों ने बीएचयू में भर्ती कराया था। यहां इलाज के दौरान शनिवार को दिलीप की मौत हो गई। पिंडरा के फूलपुर थाना क्षेत्र के रमईपुर में शनिवार को तड़के धन्वंतरी देवी (56) बाहर शौच के लिए गई थीं। कुछ देर बाद वह घर लौटीं तो बेहोश होकर गिर पड़ीं। परिवार के सदस्य तत्काल उन्हें लेकर अस्पताल के लिए निकले लेकिन रास्ते में महिला की मौत हो गई। घर के लोगों का कहना था कि ठंड लगने की वजह से उनकी जान गई है।
कोहरे के चलते ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। जम्मूतवी एक्सप्रेस 43 घंटे देरी से चल रही थी। इसी प्रकार फरक्का एक्सप्रेस 12 घंटे, सद्भावना एक्सप्रेस 11 घंटे, श्रमजीवी एक्सप्रेस, कुंभा एक्सप्रेस, महामना एक्सप्रेस और गरीब रथ नौ घंटे लेट रही। वहीं, बुंदेलखंड, अर्चना और दून एक्सप्रेस के सात घंटे देरी से चलने की सूचना थी। ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों को शीतलहर ने और भी सताया। कोहरे के चलते शनिवार को भी विमान सेवाएं प्रभावित हुईं। दिल्ली, खजुराहो और गया से बाबतपुर आने-जाने वाले विमान कोहरे के चलते लेट हुए। नई दिल्ली व अन्य स्थानों से आने वाली जेट एयरवेज, एयर इंडिया, इंडिगो की उड़ानें भी प्रभावित हुईं।