वाराणसी से गाजीपुर और जौनपुर मार्ग पर आने वाले दिनों में शहर तेजी से विस्तार ले सकता है। एनएच 29 और एनएच 56 के फोरलेन के लिए धनराशि मंजूर होने से ऐसी संभावनाओं को मजबूती मिली है। दोनों एनएच से जुड़े क्षेत्रों पर खुद वीडीए की भी नजर है।
इन क्षेत्रों में सुनियोजित विकास का खाका तैयार करने के साथ ही टाउनशिप विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के लिए दो टीम गठित की गई हैं। योजना परवान चढ़ी तो बनारस से सटे हरहुआ, बाबतपुर, पिंडरा और चौबेपुर में आने वाले दिनों में टाउनशिप विकसित होगी।
फिलहाल शहर का दायरा एनएच टू के किनारे डाफी बाईपास से लेकर इलाहाबाद मार्ग पर मोहनसराय तक, गाजीपुर मार्ग पर लेढ़ूपुर तक, आजमगढ़ मार्ग पर लमही तक और जौनपुर मार्ग पर हरहुआ तक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण केंद्र सरकार का फोकस बनारस के सुनियोजित विकास पर है। इसी क्रम में बीते सप्ताह एनएच 29 (वाराणसी से गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर होते हुए सोनौली) और एनएच 56 (वाराणसी से जौनपुर, सुल्तानपुर होते हुए लखनऊ) को फोरलेन बनाने के लिए 8200 करोड़ रुपये केंद्र ने मंजूर किए। इससे जहां एक ओर गोरखपुर के रास्ते नेपाल आना-जाना खासा आरामदेह होगा।
वहीं पीएम के संसदीय क्षेत्र से सूबे की राजधानी लखनऊ तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा। दोनों राजमार्गों के चौड़ा होने के साथ उनसे शहर से लगे क्षेत्रों में शहर विस्तार की संभावनाओं को जिस तरह मजबूती मिली है, उसे लेकर वीडीए भी अपनी तैयारी में जुट गया है। टाउनशिप के साथ ही उसकी कोशिश इन क्षेत्रों में उद्योग-धंधों के विकास के लिए ‘वाराणसी महायोजना 2031’ में इस संबंध में किए गए प्रावधानों को मूर्तरूप देने की है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक छह महीने में फोरलेन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।