बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से काम कराने वाले लापरवाह ठेकेदारों पर आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। यह निर्देश सोमवार को अपने कार्यालय में जायका और गंगा एक्शन प्लान के कार्यों की समीक्षा कर रहे मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण ने दिया।
कमिश्नर ने खुदाई के दौरान गड्ढों के अगल-बगल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है। पिछले दिनों अमर उजाला ने ‘सड़क पर सांसत’ अभियान के तहत सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा बनाया था। बैठक में कमिश्नर ने काम के दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को हेलमेट और जैकेट पहनने की हिदायत दी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। कमिश्नर ने कमच्छा फल मंडी मार्ग पर सीवर लाइन बिछाने का काम दो माह के भीतर पूरा कराने को कहा। इसी तरह ट्रामा सेंटर से सामनेघाट मोड़ तक 1364 मीटर बिछाने वाली सीवर लाइन कार्य 10 अप्रैल से शुरू कराने को कहा। इसे 10 जून तक पूरा कराने की समयसीमा निर्धारित की। सीवर पाइप लाइन बिछाने का कार्य समय के भीतर गुणवत्ता के साथ कराने को कहा। अस्सी इंटर सेप्टर काम की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। काम के दौरान हाइड्रो टेस्टिंग कराने पर जोर दिया।
दीनापुर एसटीपी तक पाइप लाइन बिछाने के दौरान पुराना पुल के पास ब्लाक बनाने में जगह की कमी बाधक बनी है। इसके लिए कमिश्नर ने कहा कि इस इलाके में सरकारी जमीन की तलाश कर वहां निर्माण कराएं। साथ ही नगर निगम के अधिकारी को दीनापुर क्षेत्र में फागिंग कराने को कहा। धोबी घाट के निर्माण कार्य को भी पूरा कराने का निर्देश दिया। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन सहदेव, एडीएम प्रोटोकाल ओम प्रकाश चौबे सहित नगर निगम, जल निगम, पीडब्ल्यूडी के अभियंता मौजूद रहे।