वेंडिंग जोन की कमी के कारण क्षमता से अधिक लग रही दुकानें
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। नगर निगम सीमा में लगने वाले फेरी पटरी के लिए नियम कानून तो बने हैं। इसके बावजूद अब तक इसमें एकरूपता नहीं लाई गई। समन्वय के अभाव के चलते बेतरतीब तरीके से वेंडिंग जोन में कारोबार हो रहा है। इससे कई समस्याएं आ रही हैं।
शहर में लगभग सभी सड़कों के किनारे बेतरतीब ठेले-खोमचे वाले खड़े नजर आते हैं। इनकी वजह से कहीं फुटपाथ पर कब्जा रहता है, तो कहीं ये आधी सड़क ही घेरे हुए रहते हैं। इससे शहर में आए दिन जाम की समस्या खड़ी रहती है, जिससे ट्रैफिक पुलिस के साथ ही शहर के लोग और बाहर से आने वाले पर्यटक भी जूझते नजर आते हैं। नगर निगम की ओर से शहर के सभी जोन में वेंडिंग जोन बनाए गए हैं। लाइसेंस धारक दुकानदारों को अपना ठेला या खोमचा लगाने के लिए क्षेत्र का आवंटन होता है। आंकड़ों के अनुसार 60 हजार फेरी पटरी वाले हैं, जबकि हकीकत में इनकी संख्या 75 हजार से अधिक है। फेरी पटरी संगठन से जुड़े लोगों के अनुसार शहर में कई बाहरी लोग पुलिस की मदद से कारोबार कर रहे हैं।
इनसेट
नगर निगम की ओर से बने नियम की भी उड़ाई जा रहीं धज्जियां
नगर निगम की ओर से नियम बनाया गया है। इन दुकानदारों से नियमावली और पत्रावली के आधार पर फाॅर्म भी भरवाया गया था। एक परिवार के एक व्यक्ति को ही वेंडिंग जोन के तहत जगह आंवटित होती है। इसके बाद भी हर परिवार से तीन से चार लोग शहर में ठेला-खोमचा आदि लगाते हैं।
नियंत्रण न होने से जाम
नगर निगम की ओर से वेंडिंग जोन के निर्माण और आवंटन में बरती जा रही लापरवाही के कारण ही शहर में जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। दुकानदार सड़कों के किनारे ठेले-खोमचे लेकर खड़े होने को विवश होते हैं।
कोट्स
हाल ही में वेंडिंग जोन कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें समस्याओं पर चर्चा की गई। वेंडिग जोन और अधिक मात्रा में बनाए जाएंगे। अभी मौजूद वेंडिंग जोन को स्मार्ट बनाया जाएगा ताकि वहां अधिक दुकानें लग सकें। सभी से नियमों का हर हाल में अनुपालन कराया जाए। पुलिस का सहयोग लेकर सबकुछ सुव्यवस्थित किया जाएगा।
दुष्यंत कुमार मौर्या, अपर नगर आयुक्त