इन दिनों शाम को बारातों के चलते सड़कों पर जबरदस्त जाम लग रहा है। उन सड़कों पर तो पैदल चलना भी दुश्वार हो गया है, जिस क्षेत्र में मैरिज लान या बैंक्वेट हाल हैं। इसकी बड़ी वजह है लॉन और बैंक्ेवट हाल के पास पार्किंग की मुकम्मल व्यवस्था न होना। सड़कों पर वाहन का कब्जा हो जाता है। सड़कों पर पार्किंग के चलते सहालग के मौसम में शहर के ट्रैफिक का बैंड बज रहा है। लॉन वालों की मनमानी और प्रशासन की अनदेखी की सजा आम जनता भुगत रही है। जाम के चलते वक्त तो जाया होता ही है, पेट्रोल की बर्बादी से लोगों की जेब भी हल्की हो रही है।
शहर में हर तरफ खुले मैरिज लॉन, बैक्वेंट हाल और धर्मशालाओं में शादियों की धूम मची है। शाम सात से रात दस बजे तक सड़कों पर बारारियों का रेला लगा रहता है। नाचने-गाने की मस्ती में बाराती भूल जाते हैं कि उनके जश्न की वजह से दूसरे लोग परेशान हो रहे हैं। वहीं, शहर में 90 फीसद से अधिक मैरेज लान ऐसे हैं, जिनके पास पार्किंग की व्यवस्था ही नहीं है। इसके चलते समारोह में आने वालों के वाहनों का सड़कों पर कब्जा हो जाता है। लाल-नीली बत्ती लगी गाड़ियों में बैठे अधिकारी भी इन्हीं बारातों में शामिल होते हैं लेकिन उन्हें लॉन के बाहर सड़कों पर पार्किंग दिखाई नहीं देती। यही कारण है कि अंधरापुल, महमूरगंज, नदेसर, कैंटोमेंट, मकबूल आलम रोड, शिवपुर, लंका, कमच्छा, गुरुबाग, लक्सा, सिगरा, भेलूपुर, मंडुवाडीह, ककरमत्ता और रथयात्रा आदि इलाकों में जाम की भीषण समस्या से आम लोगों को जूझना पड़ता है। जिन अधिकारियों पर इस व्यवस्था पर नजर रखने का जिम्मा है, वे इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दे रहे।