वाराणसी में बुधवार को बीएचयू के संगीत मंच कला संकाय में आयोजित कथक शैली में चौसर नृत्य की प्र
बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में 10 से ज्यादा रागों की प्रस्तुतियों के साथ बुधवार को पूर्वाचार्य स्मृति संगीत समारोह का समापन हो गया। प्रियांशु घोष ने शास्त्रीय गायन में राग मुकुंदप्रिया में विलंबित एकताल बंदिश सुनाई। साधो तुम्हे प्रणाम..., मधु मुकुंद... और चैती प्रकट भए सुखकंद हो रामा... गाया और छात्रों को इसकी बारीकियां भी सिखाईं। दर्शक दीर्घा इन बंदिशों को मुरीद बन गया। संकाय प्रमुख प्रो. संगीता पंडित के निर्देशन समूह गायन हुआ। इसमें ऋतु चक्र आधारित रागमाला वसंत, बहार, सूर मल्हार, चंद्रकौंस, हेमंत, शुद्ध सारंग की प्रस्तुतियां दी गईं। सितार वादन की प्रस्तुति में राग झिंझोटी और भटियाली की धुन सुनकर श्रोता मुग्ध हो उठे। उपशास्त्रीय गायन में प्रो. ऋचा कुमार ने राग मिश्र खमाज में ठुमरी, चैती और दादरा की प्रस्तुतियां दी। एकल तबला वादन में प्रो. प्रवीण उद्धव ने तीनताल में पारंपरिक रचनाएं सुनाईं। डॉ. विधि नागर और उनके विद्यार्थियों के कथक नृत्य और रामधुन से कार्यक्रम का समापन हुआ। यह कार्यक्रम प्रो. प्रेमलता शर्मा और पं. प्रेमरंजन होंबल को समर्पित रहा। विशिष्ट अतिथि प्रो. मंगला कपूर, डॉ. ज्ञानेश चंद पांडेय, डॉ. खिलेश्वरी पटेल और डॉ. श्यामा कुमारी आदि ने प्रस्तुति दी।
वाराणसी में बुधवार को बीएचयू के संगीत मंच कला संकाय में आयोजित कथक शैली में चौसर नृत्य की प्र