रेजांगला युद्ध (1962) में चक्का गांव निवासी अमर बलिदानी तिलकधारी यादव की अस्थियां बुधवार को परिजनों को सौंप दी गईं। इसका उद्देश्य वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देना है, जिन्होंने देश की रक्षा में प्राणों का बलिदान दिया। जांबाज सैनिक कैप्टन रामचंद्र यादव रेवाड़ी हरियाणा से टीम के साथ मंगलवार को अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे थे। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी ग्रुप कैप्टन अशोक पांडेय (अ.प्रा) वायु सेना मेडल (वीरता) ने शहीद सेवा दल फाउंडेशन दल के सदस्यों का स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया। अशोक पांडे ने बताया गया कि ऐतिहासिक युद्ध में 13 कुमाऊँ रेजिमेंट की एक कंपनी ने मेजर शैतान सिंह के नेतृत्व में लद्दाख की रेजांगला चौकी पर 16000 फीट की ऊंचाई पर 3000 चीनी सैनिकों के खिलाफ मात्र 122 जवानों के साथ मोर्चा संभाला था। भीषण सर्दी, विषम परिस्थितियों में वीरों ने दुश्मन के सामने अद्वितीय साहस का परिचय दिया। युद्ध में 114 जवान वीरगति को प्राप्त हुए, जबकि केवल 6 सैनिक ही जीवित बचे थे। इस दौरान पारसनाथ यादव, सूबेदार मेजर राजबली पाल (सेवानिवृत्त), सूबेदार मेजर एसके मिश्रा, सूबेदार आरए यादव, नायब सूबेदार अरुण कुमार सिंह मौजूद रहे।