विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत में विचाराधीन पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपी संदीप सिंह के अधिवक्ता की तरफ से अदालत में प्रति आपत्ति दाखिल की गई। इसमें हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए बताया गया कि कुछ सवाल मुकदमे के वादी से पूछना है। इसके लिए अदालत की ओर से उन्हें तलब किया जाना आवश्यक है।
इस पर वादी के अधिवक्ता ने बहस की बात कही गई तो आरोपी पक्ष के अधिवक्ता अनुज यादव और वरुण प्रताप सिंह प्रिंस ने आपत्ति की। साथ ही कहा कि वादी के निजी अधिवक्ता को बहस करने का अधिकार नहीं है। इस पर अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि 28 जुलाई तय कर दी। अदालत ने कहा कि वादी के निजी अधिवक्ता को बहस करने का अधिकार है या नहीं है, यह अगली सुनवाई पर तय किया जाएगा।
दरअसल, पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ चार अक्तूबर 2002 को वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे। वह शाम छह बजे नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हाॅल के पास पहुंचे थे, तभी उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। हमले में धनंजय सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, संतोष सिंह, गनर बासुदेव पांडेय और ड्राइवर दिनेश गुप्ता घायल हुए थे। पुलिस की गाड़ी आ गई तो हमलावर भाग निकले। इस हमले को लेकर धनंजय सिंह ने कैंट थाने में मौजूदा सपा विधायक अभय सिंह समेत चार-पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।