गंगापुर-मोहनसराय मार्ग पर कनेरी गांव में तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर मकान की दीवार से टकरा गई। हादसे में दो किशोरों विनय (14) व बसंत (16) की मौत हो गई। दोनों रिश्ते में चचेरे भाई थे। बाइक पर सवार एक अन्य चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल है। उसका इलाज बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। दोनों के शवों का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम कराया गया, फिर परिजनों को दिया गया। देर शाम अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
चितईपुर क्षेत्र के रहने वाले विजय की बेटी सविता कोइराजपुर हरहुआ स्थित अपने ननिहाल गई थी। बुधवार की शाम विजय का बेटा विनय (14) भी पट्टीदारी के चचेरे भाइयों बसंत (16) और आलोक उर्फ धीरू (17) के साथ बाइक से ननिहाल गया। ननिहाल से देर रात घर लौटने के लिए तीनों बाइक से निकले थे, लेकिन कनेरी गांव स्थित एक मोड़ पर बाइक अनियंत्रित हो गई और एक मकान की दीवार से जा टकराई। इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी सूचना पाकर मोहनसराय चौकी प्रभारी हरिकेश सिंह मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायलों को उपचार के लिए बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर भिजवाया। उपचार के दौरान विनय और बसंत की मौत हो गई। पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि कक्षा आठ का छात्र विनय दो भाई और दो बहनों में दूसरे नंबर का था। बसंत कक्षा 10 में पढ़ता था और चार भाइयों में सबसे छोटा था। विनय की मां उर्मिला देवी और बसंत की मां सीता देवी के साथ ही परिजनों का रो-रोकर हाल खराब है।
परिजनों को अफसोस, कम उम्र में बाइक दिलाना भारी पड़ा
किशोरों की मौत के बाद बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर पहुंचे परिजनों ने अफसोस जताया और रुंधे गले से कहा कि किशोरों को बाइक दिलाकर गलती कर दी। कम उम्र में बाइक दिलाना ठीक नहीं है। अब फैसले पर पछतावा हो रहा है। इस बीच कुछ लोगों ने ढांढस बंधाया।